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Thursday, November 20, 2025

कुंडली में शनि की स्थिति और उससे होने वाले लाभ :

कुंडली में शनि की स्थिति और उससे होने वाले लाभ : कब लगेगा साल 2026 का पहला सूर्य और चंद्र ग्रहण :

कुंडली में शनि की स्थिति और उससे होने वाले लाभ :

शनिदेव का आशीर्वाद प्राप्त करने के इच्छुक व्यक्तियों को शनिवार को व्रत रखना चाहिए और तिल का दीपक जलाकर उसकी पूजा करनी चाहिए। 

देवता की पूजा अलग - अलग दिशाओं में करने से उत्तम फल प्राप्त होते हैं। 

आप तिल अर्पित कर सकते हैं या दान कर सकते हैं।




राहु का आशीर्वाद प्राप्त करने के इच्छुक व्यक्तियों को प्रत्येक मंगलवार को उत्तर दिशा की ओर मुख करके राहु की पूजा करनी चाहिए। 

केतु का आशीर्वाद प्राप्त करने के इच्छुक व्यक्तियों को केतु के स्थान पर भगवान गणेश की विधिपूर्वक पूजा करनी चाहिए। 

राहु को उलुंड और केतु को कोल्टु का दान करना सर्वोत्तम होता है।

यदि आप हर सप्ताह व्रत रखते हैं और संबंधित ग्रह की पूजा करते हैं, तो आपकी मनोकामनाएं पूरी होंगी। 
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कुंडली के अनुसार शुभ ग्रह पर व्रत रखने से आपके परिवार में समृद्धि आएगी, धन - संपत्ति बढ़ेगी और प्रभाव भी बढ़ेगा। 
ये व्रत आपको जीवन में खुशहाली प्राप्त करने में सहायक होंगे। 
आप चाहे जो भी व्रत रख रहे हों, व्रत शुरू करने से पहले भगवान गणेश की पूजा करना बेहतर है। 
भगवान गणेश की पूजा करने से सफलता मिलती है। 
सामान्यतः, यदि सभी लोग संकदहारा चतुर्थी का व्रत रखते हैं और हाथी के मुख वाले भगवान की पूजा करते हैं, तो उनकी परेशानियां दूर हो जाती हैं।
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शनि की स्थिति से होने वाले लाभ : 

कड़ी मेहनत से स्थाई सफलता प्राप्त होती है ।
धैर्य, संयम और अनुशासन में वृद्धि होती है ।
रोकें हुए कार्य पूरे होते है ।
आर्थिक स्थिरता और धन -  संपति में वृद्धि ।
नौकरी , व्यवसाय और राजनीति में उच्च स्थान ।
आध्यात्मिक उन्नति और गहरी सोच की प्राप्ति ।
कमरी का शुद्धिकरण और जीवन में सिद्धि ।

शनि के अशुभ प्रभाव के उपाई :

शनिवार को व्रत रखे और शनि मंत्र का जाप करे।
काले तिल , सरसों का तेल और उड़द का दान करे ।
गरीबों , श्रमिकों और बुजुर्गों की सेवा करे ।
पीपल के पेड़ की पूजा करे दीपक जलाए l
हनुमान चालीसा और शनि स्तोत्र का पाठ करे ।
ईमानदारी , सत्य और कर्मठता को अपनाए ।

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कब लगेगा साल 2026 का पहला सूर्य और चंद्र ग्रहण ? 

साल 2026 में कुल चार ग्रहण ( Grahan 2026 ) लगेंगे, जिनमें दो सूर्य और दो चंद्र ग्रहण शामिल हैं। 

ग्रहण के दौरान गर्भवती महिलाओं को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। 

आइए जानते हैं कि साल के पहले सूर्य और चंद्र ग्रहण की सही तिथि क्या है और सूतक काल के दौरान हमें किन बातों का ध्यान रखना चाहिए ?


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2026 में कुल चार ग्रहण लगेंगे।

सूर्य ग्रहण के दौरान ज्यादा से ज्यादा पूजा - पाठ करना चाहिए।

चंद्र ग्रहण के दौरान तामसिक चीजों से परहेज करना चाहिए।

साल 2026 की शुरुआत जल्द होने वाली है। 

आइए जानते हैं कि साल के पहले सूर्य और चंद्र ग्रहण की सही तिथि क्या है और सूतक काल के दौरान हमें किन बातों का ध्यान रखना चाहिए ?  
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इस साल कुल चार ग्रहण ( Grahan 2026 ) लगेंगे दो सूर्य और दो चंद्र ग्रहण।

सूर्य ग्रहण 2026 में कब लगेगा ?

साल 2026 का पहला सूर्य ग्रहण 17 फरवरी को लगेगा, जो भारत में नहीं दिखाई देगा। 

इस लिए इसका सूतक काल भी यहां मान्य नहीं होगा।

चंद्र ग्रहण 2026 में कब लगेगा ?

नए साल का पहला चंद्र ग्रहण 3 मार्च 2026 को लगेगा। 

यह भारत से भी दिखाई देगा। 

बता दें कि इस दिन होली का त्योहार भी पड़ रहा है।

ग्रहण के दौरान क्या करें और क्या नहीं ? (Grahan 2026 Dos And Donts)
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ग्रहण के दौरान क्या करें ?

भगवान के नाम का जाप करें।

यह समय पूजा - पाठ के लिए अच्छा माना जाता है।

ऐसे में हनुमान चालीसा, गायत्री मंत्र, या महामृत्युंजय मंत्र का जाप करें।

मन को शांत रखने के लिए ध्यान करें।

ग्रहण के बुरे प्रभावों से भोजन और जल को बचाने के लिए उसमें तुलसी दल या कुशा डाल दें।

ग्रहण समाप्त होते ही पवित्र स्नान करें।
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इस के बाद गरीबों को अन्न, वस्त्र, व धन का दान करें।

ग्रहण समाप्ति के बाद पूरे घर में गंगाजल का छिड़काव करें।


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ग्रहण के दौरान क्या नहीं करें ?

सूतक काल शुरू होने के बाद से ग्रहण समाप्त होने तक भोजन पकाने या खाने से बचें।

घर या मंदिर में स्थापित देवताओं की मूर्तियों को न छुएं।

इस दौरान मंदिरों के कपाट बंद कर दिए जाते हैं।

इस अवधि में किसी भी प्रकार के शुभ या मांगलिक काम की शुरुआत न करें।

गर्भवती महिलाओं को इस दौरान घर से बाहर निकलने से बचना चाहिए।

इस दौरान नुकीली चीजों से दूर रहना चाहिए, खासकर गर्भवती महिलाओं को।

इस दौरान तामसिक चीजों से दूर रहना चाहिए।
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सोने की तरह चमकेगी किस्मत नए साल से इन राशियों के शुरू होंगे अच्छे दिन :


पंडारामा प्रभु राज्यगुरु वोरिया ज्योतिषी के अनुसार, बृहस्पति देव दिसंबर 2025 में राशि परिवर्तन करेंगे, जिससे कई राशियों के लिए नया सवेरा होगा। 

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जनवरी 2026 में मंगल, बुध, सूर्य और शुक्र जैसे कई ग्रह भी अपनी स्थिति बदलेंगे, जिससे विभिन्न राशि के जातकों को लाभ और जीवन में सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेंगे। 


यह वर्ष कई राशियों के लिए किस्मत के दरवाजे खोलने जैसा होगा।  
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नया साल 2026 कई राशि के जातकों के लिए बेहद खास रहेगा, जिसमें करियर में उन्नति, व्यापार में वृद्धि और नए जीवन की शुरुआत होगी।

साल 2026 में गुरु राशि परिवर्तन करेंगे। 

साल 2026 में राहु राशि परिवर्तन करेंगे। 

साल 2026 में केतु राशि परिवर्तन करेंगे।

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नया साल कई राशि के जातकों के लिए बेहद खास रहने वाला है। 

कई राशि के जातकों को करियर में नया आयाम मिलेगा। 

वहीं, कई राशि के जातकों का बिजनेस दौड़ेगा। 

जब कि, कई राशि के जातक नए जीवन की शुरुआत करेंगे। 

कुल मिलाकर कहें तो कई राशि के जातकों के लिए नया साल किस्मत के दरवाजे खोलने जैसा रहेगा।

पंडारामा प्रभु राज्यगुरु वोरिया ज्योतिषी की मानें तो नए साल की शुरुआत होने से पहले ही देवताओं के गुरु बृहस्पति देव राशि परिवर्तन करेंगे। 
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इस से कई राशि के जातकों के जीवन में नया सवेरा होगा। 

वहीं, जनवरी 2026 में कई ग्रह अपनी स्थिति बदलेंगे। 

इस से भी कई राशि के जातकों को लाभ मिलेगा। 

आइए, जनवरी महीने में ग्रहों की स्थिति और उनसे होने वाले लाभ के बारे में जानते हैं-
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गुरु गोचर 2026 :


मिथुन राशि में देवगुरु बृहस्पति 05 दिसंबर को गोचर करेंगे । 

इस राशि में बृहस्पति देव 01 जून, 2026 तक रहेंगे। 

इस के अगले दिन यानी 02 जून को मिथुन राशि से निकलकर कर्क राशि में गोचर करेंगे। 

गुरु के राशि परिवर्तन करने से कई राशि के जातकों को नए साल में लाभ मिलेगा। 

वहीं, 31 अक्टूबर को बृहस्पति देव कर्क राशि से निकलकर सिंह राशि में गोचर करेंगे।
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मंगल गोचर 2026 :


16 जनवरी को  ग्रहों के सेनापति मंगल देव को   राशि परिवर्तन करेंगे। 

इस दिन मंगल देव मकर राशि में गोचर करेंगे। 

मकर राशि में मंगल देव उच्च के होते हैं। 

इस के लिए मकर राशि के जातकों को विशेष लाभ मिल सकता है। 

इस के साथ ही कई अन्य राशियों को भी लाभ मिल सकता है।
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बुध गोचर 2026 :


04 जनवरी को ग्रहों के राजकुमार बुध देव  को धनु राशि में गोचर करेंगे। 

मिथुन और कन्या राशि के स्वामी बुध देव के राशि परिवर्तन करने से कई राशि के जातकों को जीवन में बदलाव देखने को मिल सकता है। 

खासकर, बिजनेस संबंधी परेशानी दूर हो सकती है। इसी महीने में बुध देव राशि परिवर्तन करेंगे।

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सूर्य राशि परिवर्तन 2026 :


14 जनवरी को सूर्य देव मकर राशि आत्मा के कारक सूर्य देव  मकर राशि में गोचर करेंगे। 


सूर्य देव के राशि परिवर्तन करने की तिथि पर मकर संक्रांति मनाई जाएगी। 


इस दिन खरमास समाप्त होगा। 

सूर्य देव के राशि परिवर्तन करने से कई राशि के जातकों को जीवन में बदलाव देखने को मिलेगा।

शुक्र गोचर 2026 :

28 जनवरी को  सुखों के कारक शुक्र देव मीन राशि में गोचर करेंगे। 

शुक्र देव मीन राशि में उच्च के होते हैं। 

शुक्र देव के मीन राशि में गोचर करने से मीन राशि के जातकों को सभी क्षेत्रों में लाभ मिल सकता है। 

वहीं, कई अन्य राशि के जातकों के जीवन में बदलाव आएगा।
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