google-site-verification: google5cf1125c7e3f924f.html pina_AIA2RFAWACV3EAAAGAAFWDICOQVKPGQBAAAAALGD7ZSIHZR3SASLLWPCF6DKBWYFXGDEB37S2TICKKG6OVVIF3AHPRY7Q5IA { "event_id": "eventId0001" } { "event_id": "eventId0001" } https://www.profitablecpmrate.com/gtfhp9z6u?key=af9a967ab51882fa8e8eec44994969ec Astrologer: होली बाद इन राशियों का शुरू होगा गोल्डन टाइम, :

Sunday, March 2, 2025

होली बाद इन राशियों का शुरू होगा गोल्डन टाइम, :

होली बाद इन राशियों का शुरू होगा गोल्डन टाइम, अर्धकेंद्र योग का निर्माण !

होली बाद इन राशियों का शुरू होगा गोल्डन टाइम...!

श्री वैदिक ज्योतिषशास्त्रविद्या, श्री खगोलशास्त्रविद्या, श्री ऋग्वेद, श्री यजुर्वेद, श्री भविष्य पुराण, श्री नारद पुराण एवं श्री अग्नि पुराण के आलोक में जन्मकुंडली, प्रश्नकुंडली तथा गोचर के ग्रहों के अनुसार गोल्डन टाइम ( शुभ समय ) क्या है? कैसे प्रभाव डालता है? शुभ-अशुभ समय की पहचान, फल, नियम एवं उपाय !

वैदिक ज्योतिष में "गोल्डन टाइम" शब्द शास्त्रीय ग्रंथों में इसी नाम से वर्णित नहीं मिलता, किंतु इसका भावार्थ अत्यंत स्पष्ट है। 

जब जन्मकुंडली की दशा-अंतर्दशा, गोचर, ग्रहबल, योग तथा कर्मफल एक साथ अनुकूल होकर व्यक्ति के जीवन में उन्नति, सफलता, धन, सम्मान, सुख और आध्यात्मिक प्रगति का मार्ग प्रशस्त करते हैं, तब उस काल को सामान्य भाषा में "गोल्डन टाइम" अर्थात जीवन का श्रेष्ठ शुभ समय कहा जा सकता है।

होली बाद इन राशियों का शुरू होगा गोल्डन टाइम, होगा आकस्मिक धनलाभ, शनि देव चलेंगे चांदी के पाये पर होगा आकस्मिक धनलाभ, शनि देव चलेंगे चांदी के पाये पर

शनि देव मीन राशइ में गोचर करके पाया भी बदलने जा रहे हैं। 

यहां हम आपको बताने जा रहे हैं शनि देव चांंदी के पाये पर चलकर किन राशियों की किस्मत चमकाने वाले हैं।

शनि देव चांदी के पाये पर चलकर इन राशियों की किस्मत चमकाने वाले हैं । 

वैदिक ज्योतिष अनुसार शनि देव समय - समय पर राशि के साथ पाया बदलते रहते हैं। 

वहीं आपको बता दें कि शनि देव होली बाद 29 मार्च को मीन राशि में प्रवेश करने जा रहे हैं। 

साथ ही यहां वह चांदी के पाया धारण करेंगे।  

आपको बता दें कि ज्योतिष में चार पाये का वर्णन किया गया है, चांदी, सोना, लोहा और तांबा। 

जिसमें चांची के पाये सबसे शुभ माने गए हैं। 

ऐसे में शनि देव इन राशियों की गोचर कुंडली में तांबे के पाये पर चलने जा रहे हैं। 

जिससे कुछ राशियों की किस्मत चमक सकती है। 

साथ ही धन - दौलत में बढ़ोतरी हो सकती है। 

आइए जानते हैं ये लकी राशियां कौन सी हैं…!



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श्री ऋग्वेद और श्री यजुर्वेद में समय के महत्व का अत्यधिक वर्णन है। 

मनुष्य को उचित समय में पुरुषार्थ, यज्ञ, दान, तप, स्वाध्याय और धर्मपालन करने का निर्देश दिया गया है। 

भविष्य पुराण, नारद पुराण तथा अग्नि पुराण भी बताते हैं कि समय और कर्म का मेल ही भाग्य को जागृत करता है।

जन्मकुंडली से गोल्डन टाइम कैसे पहचाना जाता है?

जन्मकुंडली व्यक्ति के संपूर्ण जीवन का दिव्य मानचित्र है। 

इसमें ग्रहों की स्थिति यह संकेत देती है कि जीवन में उन्नति कब होगी।

यदि भाग्येश, लग्नेश, दशमेश और लाभेश बलवान हों तथा शुभ ग्रहों की दशा प्रारंभ हो, तो व्यक्ति का स्वर्णिम समय आरंभ होता है। 

गुरु, शुक्र, बुध तथा पूर्ण चंद्रमा शुभ स्थिति में हों और पापग्रहों का प्रभाव कम हो, तो धन, प्रतिष्ठा, विवाह, संतान, व्यवसाय और समाज में सम्मान की प्राप्ति होती है।

राजयोग, धनयोग, गजकेसरी योग, पंचमहापुरुष योग, विपरीत राजयोग आदि शुभ योग भी उचित दशा मिलने पर जीवन का गोल्डन टाइम प्रारंभ कर देते हैं।

प्रश्नकुंडली से शुभ समय की पहचान :

जब किसी विशेष कार्य, व्यापार, विवाह, नौकरी, विदेश यात्रा या निवेश के संबंध में प्रश्न पूछा जाता है, तब प्रश्नकुंडली वर्तमान समय का संकेत देती है।

यदि प्रश्न लग्न मजबूत हो, चंद्रमा शुभ हो, गुरु या शुक्र की दृष्टि हो तथा षष्ठ, अष्टम और द्वादश भाव अधिक पीड़ित न हों, तो प्रश्न का उत्तर अनुकूल माना जाता है। 

ऐसे समय कार्य प्रारंभ करने से सफलता की संभावना बढ़ जाती है।

यदि राहु, केतु, शनि अथवा मंगल अत्यधिक बाधा उत्पन्न करें, चंद्रमा निर्बल हो या लग्न पीड़ित हो, तो कुछ समय प्रतीक्षा करना अधिक उचित माना जाता है।

गोचर से गोल्डन टाइम कब आता है?

गोचर जीवन में समय-समय पर परिवर्तन लाता है।

जब देवगुरु बृहस्पति जन्म लग्न, चंद्र राशि या भाग्य स्थान पर शुभ प्रभाव देता है, तब शिक्षा, विवाह, संतान, सम्मान, आर्थिक उन्नति तथा धार्मिक कार्यों में वृद्धि होती है।

शुक्र का शुभ गोचर सुख - सुविधा, वाहन, गृह, दांपत्य सुख और ऐश्वर्य प्रदान करता है।

बुध का शुभ गोचर व्यापार, शिक्षा, लेखन, वाणी तथा बुद्धि को प्रखर करता है।

सूर्य का शुभ प्रभाव प्रशासनिक सफलता, पद, प्रतिष्ठा और आत्मविश्वास बढ़ाता है।

यदि शनि शुभ भाव में होकर कर्म का उचित फल दे, तो लंबे समय के संघर्ष का प्रतिफल मिलने लगता है।

वृषभ राशि  :

आप लोगों के लिए शनि देव का चांदी के पाये पर चलना लाभकारी साबित हो सकता है। 

इस समय आपकी आर्थिक स्तिथि में मजबूती देखने को मिलेगी। 

साथ ही आपको निवेश से लाभ होगा। 

वहीं व्यापारियों और नौकरी करने वालों के लिए यह समय शुभ रहेगा। 

नई नौकरी, प्रमोशन और व्यापार में सफलता के योग बनेंगे। 

साथ ही इस दौरान नौकरीपेशा लोगों का मनचाही जगह ट्रांंसफर हो सकता है। 

वहीं बेरोजगार लोगों को नौकरी के नए अवसर मिल सकते हैं। 

साथ ही इस समय व्यापारियों को अच्छा धनलाभ हो सकता है। 

साथ ही कारोबार में बड़ी डील हो सकती हैं।

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कन्या राशि  :

शनि देव का चांंदी के पाये पर चलना कन्या राशि के जातकों को शुभ सिद्ध हो सकता है। 

इस समय आपको पार्टनरशिप के काम में अच्छा लाभ होगा। 

साथ ही इस समय आपको प्रसिद्धि मिलने की उम्मीद है। 

आप किसी बड़े प्रोजेक्ट का हिस्सा बन सकते हैं। 

बिजनेस में भी आपको नए क्लाइंट और पार्टनरशिप के अवसर मिल सकते हैं। 

वहीं इस दौरान आपको भौतिक सुखों की प्राप्ति होगी। 

साथ ही आप देश- विदेश का यात्रा कर सकते हैं। 

साथ ही इस समय आपके साहस और पराक्रम में वृद्धि देखने को मिलेगी। 

वहीं सेहत में पहले से कहीं ज्यादा सुधार देखने को मिवेगा। 

कार्यक्षेत्र में अनुकूल परिवर्तन भी होंगे। 

साथ ही नौकरी में बदलाव के योग भी बन रहे हैं।

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मकर राशि :


आप लोगों के लिए शनि देव का चांदी के पाये पर चलना शुभ फलदायी सिद्ध हो सकता है। 

क्योंकि शनि देव आपकी राशि से धन भाव पर भ्रमण कर रहे हैं। 

इस लिए इस समय आपकी सोची हुई योजनाएं सफल होंगी। 

साथ ही आपको समय - समय पर आकस्मिक धनलाभ होगा। 

वहीं इस दौरान आप आध्यात्मिक उन्नति को महसूस करेंगे। 

आपका व्यक्तित्व प्रभावी होगा और इससे लोग आपकी ओर आकर्षित होंगे। 

शादीशुदा लोगों को वैवाहिक सुख मिलेगा। 

साथ ही आपकी सोची हुई योजनाएं सफल होंगी। 

वहीं इस समय आप धन की सेविंग करने में सफल रहेंगे। 

आपको भाग्य का साथ मिलेगा।

गोल्डन टाइम का जीवन पर प्रभाव :


शुभ समय आने पर व्यक्ति के प्रयासों का परिणाम शीघ्र मिलने लगता है।

रुके हुए कार्य पूर्ण होते हैं।

आर्थिक स्थिति में सुधार होता है।

नए अवसर प्राप्त होते हैं।

सम्मान और प्रतिष्ठा बढ़ती है।

व्यवसाय का विस्तार होता है।

परिवार में सुख - शांति बढ़ती है।

स्वास्थ्य में सुधार दिखाई देता है।

धार्मिक एवं आध्यात्मिक रुचि बढ़ती है।

योग्य मित्र और सहयोगी मिलने लगते हैं।

खराब समय की पहचान कैसे करें?


हर कठिन समय दुर्भाग्य नहीं होता, बल्कि वह कर्मों की परीक्षा भी हो सकता है।

यदि बिना कारण कार्य रुकने लगें, बार - बार आर्थिक हानि हो, मानसिक तनाव बढ़े, मुकदमे या विवाद बढ़ें, स्वास्थ्य लगातार खराब रहे, परिवार में अशांति बनी रहे, अवसर हाथ से निकल जाएँ तथा मेहनत के बाद भी अपेक्षित फल न मिले, तो ग्रहों की प्रतिकूल दशा अथवा कठिन गोचर का संकेत माना जाता है।

ऐसे समय धैर्य, संयम और धर्माचरण विशेष महत्व रखते हैं।

शुभ समय में क्या करें?


शुभ समय का सदुपयोग करना ही वास्तविक बुद्धिमानी है।

धर्म और सदाचार का पालन करें।

अहंकार से बचें।

सत्कर्म और दान करें।

नई योजनाओं का शुभारंभ करें।

व्यापार का विस्तार करें।

भूमि, भवन या वाहन जैसे महत्वपूर्ण निर्णय योग्य ज्योतिषीय विचार के बाद लें।

गुरुजनों और माता-पिता का सम्मान करें।

ईश्वर का स्मरण कभी न छोड़ें।

कठिन समय में क्या करें?


घबराने के स्थान पर आत्मबल बनाए रखें।

अत्यधिक जोखिम वाले निर्णय टालें।

अनावश्यक ऋण लेने से बचें।

क्रोध और विवाद से दूरी रखें।

प्रतिदिन प्रार्थना, जप और ध्यान करें।

सदाचार एवं सत्य का पालन करें।

योग्य विद्वान से जन्मकुंडली, प्रश्नकुंडली एवं गोचर का सम्यक विश्लेषण कराएँ।

वैदिक उपाय :


प्रतिदिन प्रातः सूर्य को अर्घ्य दें।

"ॐ घृणिः सूर्याय नमः" का जप करें।

भगवान विष्णु एवं शिव की नियमित उपासना करें।

गुरुवार को पीले वस्त्र, चने की दाल या हल्दी का दान करें।

शनिवार को जरूरतमंदों की सेवा करें तथा न्यायपूर्ण आचरण रखें।

गाय, पक्षियों और अन्य जीवों को अन्न - जल दें।

माता - पिता एवं गुरु की सेवा करें।

गीता, विष्णुसहस्रनाम, आदित्य हृदय स्तोत्र अथवा महामृत्युंजय मंत्र का श्रद्धापूर्वक पाठ करें।





वैदिक सिद्धांत :


वेद और पुराण स्पष्ट संकेत देते हैं कि ग्रह केवल कर्मफल के सूचक हैं, कर्म के स्थानापन्न नहीं।

अच्छे ग्रह अवसर प्रदान करते हैं, किंतु सफलता पुरुषार्थ से मिलती है।

अशुभ ग्रह सावधानी का संदेश देते हैं, किंतु धर्म, संयम, सत्कर्म और उचित प्रयास से कठिन समय भी अनुकूल बनाया जा सकता है।

इसलिए केवल शुभ समय की प्रतीक्षा करना पर्याप्त नहीं है। 

जब पुरुषार्थ, सदाचार, ईश्वर - भक्ति और अनुकूल ग्रहयोग एक साथ मिलते हैं, तभी जीवन का वास्तविक "गोल्डन टाइम" प्रकट होता है।

अतः जन्मकुंडली, प्रश्नकुंडली और गोचर का उद्देश्य भय उत्पन्न करना नहीं, बल्कि उचित समय का ज्ञान देकर मनुष्य को धर्म, विवेक और कर्म के मार्ग पर अग्रसर करना है। 

यही वैदिक ज्योतिष का मूल संदेश है। 

जो व्यक्ति समय का सम्मान करता है, शुभ कर्म करता है, गुरु का आदर करता है और ईश्वर पर श्रद्धा रखता है, उसके जीवन में आने वाला प्रत्येक शुभ अवसर दीर्घकालीन सफलता, समृद्धि और आत्मिक उन्नति का आधार बन जाता है।
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अर्धकेंद्र योग का निर्माण :


अर्धकेंद्र योग का निर्माण, इन 3 राशियों की रहेगी चांदी....!

24 फरवरी को होगा अर्धकेंद्र योग का निर्माण, इन 3 राशियों की रहेगी चांदी

वैदिक ज्योतिष शास्त्र  में बुध को ग्रहों का राजकुमार माना जाता है। 

बुध एकाग्रता, बुद्धिमत्ता, तर्क और व्यापार के लिए महत्वपूर्ण ग्रह है। 

वर्तमान में बुध कुंभ राशि में स्थित हैं। 

जब भी बुध अपनी गति में परिवर्तन करते हैं, इसका प्रभाव सभी 12 राशियों पर पड़ता है।

महाशिवरात्रि से पहले, 24 फरवरी 2025 को सुबह 3:25 बजे, बुध और यम एक - दूसरे से 45 डिग्री के कोण पर होंगे, जिससे अर्धकेंद्र योग का निर्माण होगा। 

इस योग के कारण कई राशियों को विशेष लाभ मिलेगा और उनके रुके हुए कार्य भी संपन्न होंगे। 

आइए जानते हैं कि कौन सी राशियाँ इस योग से लाभान्वित होंगी। 

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मेष राशि :


मेष राशि के जातकों के लिए अर्धकेंद्र बहुत फायदेमंद साबित हो सकता है। 

इस राशि के लोग काम के सिलसिले में कई लंबी यात्राएं कर सकते हैं, जिससे उनके जीवन में महत्वपूर्ण बदलाव आ सकते हैं। 

करियर में आपके प्रयासों के चलते भाग्य का पूरा सहयोग मिल सकता है। 

व्यापारियों के लिए भी लाभ के अच्छे संकेत हैं। 

इसके अलावा, पार्टनर के साथ समय बिताने का अनुभव सुखद रहेगा।

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मिथुन राशि :


इस राशि के जातकों के लिए सुख - सुविधाओं में तेजी से वृद्धि संभव है। 

इसके साथ ही, उन्हें अपने बड़ों का पूरा सहयोग मिल सकता है। 

लंबी दूरी की यात्रा या विदेश यात्रा करने का अवसर भी मिल सकता है, जो करियर पर सकारात्मक प्रभाव डाल सकता है। 

धन लाभ के संकेत भी बन रहे हैं, और आप धन संचय में सफल हो सकते हैं। 

प्रेम जीवन और दांपत्य जीवन के संदर्भ में, जीवनसाथी के साथ अच्छा समय बिताने का मौका मिलेगा, जिससे आपके जीवन में खुशियों की दस्तक हो सकती है। 

आत्मविश्वास में भी वृद्धि देखने को मिलेगी।

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सिंह राशि :


इस राशि के जातकों के जीवन में कई सुखद अनुभव हो सकते हैं। 

आपके कार्यक्षेत्र में किए गए प्रयासों के परिणामस्वरूप सफलता प्राप्त हो सकती है, और आपके काम की सराहना भी की जा सकती है। 

आपकी वित्तीय स्थिति मजबूत हो सकती है, और आप पैसे बचाने में भी सफल हो सकते हैं। 

जीवनसाथी के साथ आपके संबंध बेहतर होंगे। 

आप ऊर्जा और उत्साह से भरे हुए महसूस कर सकते हैं।

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गुरु की राशि में शुक्र की वक्री चाल, किन राशियों के जीवन में लाएगी भूचाल!


प्रेम एवं ऐश्वर्य के ग्रह शुक्र देव को वैदिक ज्योतिष में लाभकारी ग्रह माना जाता है। 

इनकी चाल, दशा, राशि या स्थिति में होने वाले किसी भी परिवर्तन का असर प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से मानव जीवन पर पड़ता है। 

बता दें कि शुक्र देव तक़रीबन 28 दिनों तक एक राशि में रहते हैं और इस दौरान यह अपनी चाल और स्थिति में भी बदलाव करते हैं। 

अब यह जल्द ही गुरु ग्रह की राशि मीन में वक्री होने जा रहे हैं जिसका असर देश - दुनिया सहित सभी 12 राशियों पर दिखाई देगा।
 
ज्योतिषी पंडारामा प्रभु राज्यगुरु का यह लेख आपको “ शुक्र मीन राशि में वक्री ” से जुड़ीं समस्त जानकारी प्रदान करेगा जैसे कि तिथि, समय आदि। 

साथ ही, आपको अवगत करवाएंगे कि कुंडली में शुक्र महाराज के नकारात्मक प्रभावों को शांत करने के लिए आप किन उपायों को कर सकते हैं, इस लिए इस ब्लॉग को अंत तक पढ़ना जारी रखें।

बता दें कि ज्योतिष के साथ - साथ मनुष्य जीवन में भी शुक्र ग्रह महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं इस लिए प्रेम जीवन की बात करते समय कुंडली में इनकी स्थिति सबसे पहले देखी जाती है। 

विद्वान ज्योतिषियों का मत है कि यदि किसी व्यक्ति की कुंडली में शुक्र ग्रह मजबूत स्थिति में होते हैं, तो ऐसे जातकों को अपने जीवन में हर तरह का सुख, वैवाहिक सुख, विलासिता और प्रसिद्धि की प्राप्ति होती है। 

आज के इस विशेष ब्लॉग के माध्यम से हम जानेंगे कि शुक्र मीन राशि में वक्री होकर संसार को कैसे प्रभावित करेंगे। 

आइए सबसे पहले जानते हैं शुक्र वक्री के समय और तिथि के बारे में। 

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शुक्र मीन राशि में वक्री: तिथि और समय :


ऐश्वर्य, भौतिक सुख-सुविधाओं और विलासिता के प्रमुख ग्रह शुक्र देव गुरु ग्रह की राशि मीन में 02 मार्च 2025 की सुबह 05 बजकर 12 मिनट पर वक्री हो जाएंगे। 

शायद ही आप जानते होंगे कि मीन राशि शुक्र ग्रह की उच्च राशि है जिसमें इनकी स्थिति को शुभ माना जाता है। 

ऐसे में, शुक्र का मीन राशि में वक्री होना कुछ राशियों के लिए सकारात्मक और कुछ के लिए नकारात्मक परिणाम लेकर आ सकता है। 

मीन राशि में रहते हुए शुक्र ग्रह 13 अप्रैल 2025 को वक्री अवस्था से बाहर आते हुए पुनः मार्गी हो जाएंगे। 

हालांकि, इस दौरान शुक्र देव शुभ योग भी बनाएंगे, जिनके बारे में आगे विस्तार से बात करेंगे, लेकिन आपको बताते हैं कि आख़िर किसे कहते हैं ग्रह की वक्री अवस्था।

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किसे कहते हैं ग्रह की वक्री अवस्था ?


ज्योतिषी पंडारामा प्रभु राज्यगुरु अपने पिछले लेखों में बताता आया है कि सूर्य को नवग्रहों के राजा कहा जाता है क्योंकि सूर्य देव के अलावा बाकी सब ग्रह समय - समय पर अपनी चाल और स्थिति में बदलाव करते हैं जिसे अस्त, मार्गी, वक्री और उदय कहा जाता है। 

लेकिन यहां हम बात कर रहे हैं ग्रहों की वक्री अवस्था के बारे में। 

ज्योतिष शास्त्र में वक्री चाल के संबंध में कहा गया है कि जब कोई ग्रह अपने परिक्रमा मार्ग पर पीछे की तरफ यानी कि उल्टा चलता हुआ प्रतीत होता है, तो इस घटना को ग्रह का वक्री होना कहते हैं। 

मान्यता है कि कुंडली में स्थित वक्री ग्रह के अशुभ होने पर जातक को पहले की तुलना में अधिक अशुभ परिणाम देखने को मिलते हैं। 

विज्ञान की बात करें, तो ग्रहों के वक्री अवस्था को विज्ञान नहीं मानता है।

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शुक्र - बुध की युति करेगी एक बेहद शुभ राजयोग का निर्माण :


मई से पहले राशियों की बदलेगी जिंदगी, बुध - शुक्र की बनी रहेगी युति!

वैदिक ज्योतिष शास्त्र विद्या अनुसार ग्रहों के राजकुमार बुध और धन - वैभव के देवता शुक्र एक ही राशि में विराजमान होने के साथ युति का निर्माण कर रहे हैं। 

आइए जानते हैं किन राशियों के लिए शुक्र - बुध की युति लाभदायक रहेगी ?

वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार बुध और शुक्र की युति से व्यक्ति के जीवन में तरह के प्रभाव पड़ सकते हैं जो शुभ और अशुभ हो सकते हैं। 

सकारात्मक प्रभाव होने पर संबंध, प्रेम, रोमांस, व्यापार, मान - सम्मान से लेकर नौकरी में सुधार हो सकता है। 

जबकि, इसके नकारात्मक प्रभाव कई तरह की समस्या की वजह बन सकते हैं। 

वर्तमान में बुध ग्रह और शुक्र ग्रह दोनों ही गुरु की राशि मीन में विराजमान हैं। 

दोनों ग्रहों का एक साथ कुंडली में रहना युति का निर्माण कर रहा है। 

आइए जानते हैं किन राशियों के लोगों पर शुक्र - बुध की युति बन रही हैं।

मई में शुक्र और बुध गोचर :


संदेश और जन्म भूमि  पंचांग के अनुसार गुरु की राशि मीन से निकलकर शुक्र और बुध दोनों ग्रह मेष राशि में प्रवेश करेंगे, लेकिन दोनों ग्रहों के राशि परिवर्तन का समय और दिन अलग - अलग हो सकता है। 

7 मई बुधवार को सुबह 04 बजकर 13 मिनट पर मेष राशि में बुध गोचर करेंगे। 

जबकि, शुक्र ग्रह 31 मई, शनिवार को सुबह 11 बजकर 42 मिनट पर मेष राशि में विराजमान होंगे। 

किन - किन राशियों के लिए इससे पहले का समय लाभकारी रहेगा? 

जैसे कि हम जानते हैं कि शुक्र महाराज 28 जनवरी 2025 से अपनी उच्च राशि मीन में विराजमान हैं।



 

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इसी राशि में रहते हुए शुक्र ग्रह वक्री होने जा रहे हैं और यह अपनी वक्री अवस्था में भी शुभ योग का निर्माण करेंगे। 

बुध देव 27 फरवरी 2025 की रात 11 बजकर 28 मिनट पर मीन राशि में गोचर कर जाएंगे। 

ऐसे में, शुक्र और बुध ग्रह की युति से लक्ष्मी नारायण राजयोग का निर्माण होगा जिसे बहुत ही शुभ माना जाता है। 

इस राजयोग से कुछ जातकों को कार्यों में सफलता और धन-समृद्धि की प्राप्ति होगी। 

साथ ही, आर्थिक समस्याएं भी समाप्त होंगी।

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शुक्र का ज्योतिषीय महत्व :


प्रेम के कारक शुक्र ग्रह मनुष्य जीवन को संपत्ति, सुख - संपदा, वाहन, ऐश्वर्य, समृद्धि आदि प्रदान करते हैं। 

जिन जातकों की कुंडली में शुक्र देव मज़बूत अवस्था में होते हैं, उनको जीवन में प्रेम और सुख - सुविधाओं की प्राप्ति होती है। 

आपका व्यक्तित्व आकर्षक होगा जो दूसरों को अपनी तरफ आकर्षित करेगा। 

इन जातकों को जीवन में कभी भी सुख - सुविधा की कमी नहीं होती है। 

यह आपको अमीर और धनवान बनाते हैं। 

अगर किसी की कुंडली में शुक्र देव कमजोर और दुर्बल होते हैं, तो ऐसे इंसान को जीवन में कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता है। 

आपका प्रेम जीवन निराशा से भर सकता है और साथ ही, आपको यौन से जुड़ी समस्याओं से जूझना पड़ सकता है। 

शुक्र देव की कृपा से जीवन में प्रेम और सुख का आशीर्वाद मिलता है इस लिए प्रत्येक व्यक्ति को अपनी कुंडली में शुक्र ग्रह को मज़बूत बनाए रखना चाहिए।

आइए अब नज़र डालते हैं कुंडली में कमज़ोर शुक्र ग्रह के लक्षणों पर । 

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कुंडली में कमज़ोर शुक्र के लक्षण :


वैदिक ज्योतिष के अनुसार, व्यक्ति की कुंडली में शुक्र दुर्बल होने पर घर में गरीबी दस्तक देती है।

शुक्र के कमज़ोर अवस्था में होने से जातकों के जीवन में आर्थिक समस्याएं बढ़ सकती है। 

ऐसे में, आपको धन से जुड़ी परेशानियां रह सकती हैं।

कुंडली में शुक्र के अशुभ होने पर व्यक्ति को हर काम में असफलता प्राप्त होती है। 

साथ ही, आपको कामयाबी के मार्ग में परेशानियों से दो-चार होना पड़ सकता है। 

ऐसे लोगों को वैवाहिक जीवन में समस्याओं और तकलीफों से गुजरना पड़ता है।

शुक्र मीन राशि में वक्री के दौरान अपनाएं ये उपाय

कुंडली में शुक्र ग्रह को बलवान करने के लिए दूध, दही और खीर आदि का दान करें। 

शुक्र देव को मज़बूत बनाने के लिए भगवान कृष्ण को चांदी की बासुरी अर्पित करें। 

घर में शुक्र यंत्र की स्थापना करने से सकारात्मक परिणामों की प्राप्ति होती है। 

शुक्रवार के दिन माता लक्ष्मी की पूजा करें और उनके लिए व्रत करें। 

शुक्रवार के दिन सफेद रंग के वस्त्र ज्यादा से ज्यादा धारण करें। 

यदि शुक्र देव कमजोर होते हैं, तो ऐसे जातक को कभी भी फटे - पुराने कपड़े नहीं धारण करने चाहिए, अन्यथा आपको नकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं। 

ऐसे लोगों को केमिकल वाले परफ्यूम की जगह प्राकृतिक महक वाले इत्र का उपयोग दैनिक जीवन में करना चाहिए।

मेष राशि :


मेष राशि के दूसरे और सातवें भाव के स्‍वामी शुक्र हैं और अब वह आपके बारहवें भाव में वक्री होने जा रहे हैं।

शुक्र के मीन राशि में वक्री होने पर आपको अध्‍यात्‍म से लाभ होगा। 

इसके साथ ही आपको दोस्‍तों और सहयोगियों से सहयोग एवं लाभ प्राप्‍त होने की उम्‍मीद है।

करियर के क्षेत्र में आपको अपनी नौकरी से अधिक लाभ प्राप्‍त होंगे। 

इस वजह से आप अपने करियर में अपनी छाप छोड़ने में सक्षम होंगे और अपने करियर में आगे बढ़ेंगे।

व्‍यापार के क्षेत्र में आपको अपने बिज़नेस को लेकर विदेश से नए अवसर मिलने की संभावना है। 

इसके साथ ही आप अधिक मुनाफा कमाएंगे।

धन के मामले में आपको विदेश और यात्रा के माध्‍यम से अच्‍छा पैसा कमाने का मौका मिल सकता है। 

वहीं दूसरी ओर, आपके खर्चों में भी बढ़ोतरी होने के संकेत हैं।

प्रेम जीवन की बात करें, तो आपके और आपके जीवनसाथी के बीच सुख - शांति बनी रहेगी और आपको उनके साथ अच्‍छा समय बिताने का मौका मिलेगा।

शुक्र मीन राशि में वक्री होने के दौरान आपका स्‍वास्‍थ्‍य अच्‍छा रहेगा लेकिन आपको नींद से संबंधित परेशानियां हो सकती हैं।

उपाय: आप रोज़ 41 बार 'ॐ शुक्राय नम:' मंत्र का जाप करें।

वृषभ राशि :


वृषभ राशि के लोगों के लिए शुक्र और बुध की युति लाभदायक रहेगी। 

रिश्ते पहले से बेहतर हो सकेंगे। प्रेम संबंध के मामले में सफलता हासिल कर सकते हैं। 

वित्तीय स्थिति पहले से बेहतर हो सकेगी। कामकाज में सफलता हासिल कर सकते हैं। 

जीवनसाथी का पूरा सहयोग प्राप्त होगा। नए कार्य में रुचि बढ़ेगी। 

सामाजिक तौर पर मान और सम्मान बढ़ सकता है। 

आपसी मतभेद दूर हो सकेंगे।

वृषभ राशि के पहले और छठे भाव के स्‍वामी शुक्र ग्रह हैं और अब वह इस राशि के ग्‍यारहवें भाव में वक्री होने जा रहे हैं।

शुक्र मीन राशि में वक्री होने के दौरान आपको प्रगति के साथ अपने प्रयासों से संतुष्टि मिलेगी। 

इसके साथ ही आपकी इच्‍छाओं की भी पूर्ति होगी।

करियर के मामले में कार्यक्षेत्र में लोग आपके प्रयासों पर ध्‍यान देंगे और आपको कुछ अड़चनों का सामना करने के बाद अच्‍छे परिणाम मिल सकते हैं।

बिज़नेस के क्षेत्र में आपको औसत मुनाफा होने के योग हैं। इसके साथ ही आपको इस समय अपने बिज़नेस पर नियंत्रण रखने में दिक्‍कत आ सकती है।

वित्त के मामले में आपको अच्‍छी मात्रा में धन प्राप्‍त होगा लेकिन आप पैसों की बचत कर पाने में असमर्थ हो सकते हैं।

निजी जीवन की बात करें, तो आपके और आपके जीवनसाथी के बीच अच्‍छी आपसी समझ होने की वजह से आप दोनों का रिश्‍ता मज़बूत होगा।

इस समयावधि में अपने साहस और दृढ़ संकल्‍प के मज़बूत रहने की वजह से आपका स्‍वास्‍थ्‍य उत्तम रहने वाला है।

उपाय: आप मंगलवार के दिन केतु ग्रह के लिए यज्ञ-हवन करें।

मिथुन राशि :


मिथुन राशि के लोगों के लिए शुक्र और बुध की युति फलदायक रहेगी। 

जीवनसाथी के साथ अच्छा समय बिता सकेंगे। लाइफ पार्टनर को लेकर आकर्षण रहेगा। 

संबंधों में सुधार देखने को मिल सकता है। विदेश जाने का सोचेंगे। 

नौकरी करने वालों के लिए बड़ी चुनौती खड़ी हो सकती है और इसका आप सामना भी करेंगे। 

मन पहले से अधिक प्रसन्न रहेगा।

मिथुन राशि के जातकों के पांचवे और बारहवें भाव के स्‍वामी शुक्र ग्रह हैं और अब वह आपके दसवें भाव में वक्री होने जा रहे हैं।

शुक्र मीन राशि में वक्री होने के दौरान आपको अपने काम और करियर में प्रगति करने को लेकर चिंता हो सकती है। 

इसके अलावा आप अपने बच्‍चों के विकास को लेकर भी तनाव में रह सकते हैं।

करियर के मामले में आपके ऊपर काम का दबाव बहुत ज्‍यादा बढ़ सकता है। 

इसके कारण आप परेशान हो सकते हैं एवं आपको अपने भविष्‍य को लेकर चिंता हो सकती है।

वित्तीय जीवन में आपको अधिक खर्चों का सामना करना पड़ सकता है। 

आपके लिए इन खर्चों को संभाल पाना थोड़ा मुश्किल रहने वाला है।

रिश्‍तों की बात करें, तो आपके और आपके पार्टनर के बीच अहंकार से संबंधित समस्‍याएं होने की आशंका है। 

ये समस्‍याएं आप दोनों के बीच बहस का कारण बन सकती हैं।

स्‍वास्‍थ्‍य के स्‍तर पर आपको तेज़ जुकाम और खांसी होने के संकेत हैं।

उपाय: आप नियमित रूप से विष्‍णु सहस्‍त्रनाम का पाठ करें।

कर्क राशि :


कर्क राशि के जातकों के लिए शुक्र उनके चौथे और ग्‍यारहवें भाव के स्‍वामी हैं और अब शुक्र आपके नौवें भाव में वक्री होने जा रहे हैं।

शुक्र मीन राशि में वक्री होने पर आपको अपने भाग्‍य का साथ नहीं मिल पाएगा। 

इसकी वजह से आपको चिंता हो सकती है। 

सफलता पाने के लिए आपको योजना बनाकर चलने की ज़रूरत है।

करियर के क्षेत्र में आपके अपने वरिष्‍ठ अधिकारियों के साथ संबंध खराब हो सकते हैं। 

आपकी उनके साथ बहस होने की भी आशंका है।

वित्तीय स्‍तर पर आपके खर्चों में बहुत ज्‍यादा बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। 

शुक्र मीन राशि में वक्री होने पर आप इन खर्चों को संभालने में असमर्थ हो सकते हैं।

प्रेम जीवन की बात करें, तो शुक्र के मीन राशि में वक्री होने के दौरान आपको अपने रिश्‍ते में सुख - शांति और मधुरता बनाए रखने के लिए अपने पार्टनर के साथ तालमेल बिठाकर चलने की ज़रूरत है।

स्‍वास्‍थ्‍य के स्‍तर पर आपको इस दौरान अपने पिता की सेहत पर पैसे खर्च करने पड़ सकते हैं। 

इस वजह से आप तनाव में आ सकते हैं।

उपाय: आप रोज़ 21 बार 'ॐ दुर्गाय नम:' मंत्र का जाप करें।

सिंह राशि :


सिंह राशि के तीसरे और दसवें भाव के स्‍वामी शुक्र ग्रह हैं और अब वक्री होने पर वह इस राशि के आठवें भाव में रहेंगे।

शुक्र मीन राशि में वक्री के दौरान आपको अपने प्रयासों में अचानक अड़चनों एवं बाधाओं का सामना करना पड़ सकता है।

करियर की बात करें, तो इस समय अपने काम से असंतुष्‍ट होने की वजह से आप नौकरी बदलने के बारे में सोच सकते हैं।

वित्तीय जीवन में आपको पैसों की तंगी के कारण नुकसान उठाना पड़ सकता है। 

वहीं दूसरी ओर, पैतृक संपत्ति मिलने की भी संभावना है।

प्रेम जीवन की बात करें, तो शुक्र के मीन राशि में वक्री होने के दौरान आपके और आपके जीवनसाथी के बीच अधिक मतभेद एवं बहस होने की आशंका है। 

इस से बचने के लिए आपको सोच - समझकर बोलने की सलाह दी जाती है।

स्‍वास्‍थ्‍य के स्‍तर पर आपको इस दौरान अपने पिता की सेहत पर पैसे खर्च करने पड़ सकते हैं। 

इस वजह से आप तनाव में आ सकते हैं।

उपाय: आप रोज़ 44 बार 'ॐ मंदाय नम:' मंत्र का जाप करें।

कन्या राशि :


कन्या राशि के जातकों के लिए शुक्र - बुध की युति बहुत अच्छी रहेगी। 

दोस्तों के साथ समय बिता सकेंगे। 

घर में सुख और शांति का माहौल रहेगा। 

रचनात्मक कार्यों में खास रुचि बढ़ेगी। 

नौकरी बदलने का सोचेंगे और तलाश पूरी भी हो सकेगी। 

पैसे से संबंधित लाभ हासिल हो सकता है। 

कर्ज से मुक्ति मिल सकती है। 

रुका धन वापस मिल सकता है। 

आर्थिक स्थिति पहले से बेहतर रहेगी।

कन्‍या राशि के दूसरे और नौवें भाव का स्‍वामी शुक्र ग्रह है और अब वह इस राशि के सातवें भाव में वक्री होने जा रहे हैं।

आपको शुक्र मीन राशि में वक्री होने के दौरान अपने दोस्‍तों के साथ कुछ समस्‍याएं आ सकती हैं। 

आपके उनके साथ रिश्‍ते खराब हो सकते हैं जिसे लेकर आप चिंतित हो सकते हैं।

करियर की बात करें, तो इस समय आपके ऊपर काम का दबाव बहुत ज्‍यादा बढ़ सकता है और इसकी वजह से करियर के क्षेत्र में आपके हाथ से अच्‍छे अवसर तक छूट सकते हैं।

आप अपने दोस्‍तों को ज्‍यादा पैसा उधार दे सकते हैं और इस बात की भी संभावना है कि उधार दिया गया पैसा आपको वापस न मिल पाए।

प्रेम जीवन में आपको अपने रिश्‍ते को बेहतर एवं मज़बूत करने के लिए इस समयावधि में अपने जीवनसाथी के साथ तालमेल बिठाकर चलने की ज़रूरत है। 

इससे आपको अच्‍छे परिणाम मिल सकते हैं।

स्वास्‍थ्‍य के स्‍तर पर आपको अपने जीवनसाथी की सेहत पर अधिक पैसा खर्च करना पड़ सकता है। 

इस वजह से आप परेशान हो सकते हैं।

उपाय: आप नियमित रूप से 'ॐ बुधाय नम:' मंत्र का जाप करें।
+++ +++

तुला राशि :


तुला राशि के लोगों के लिए समय अच्छा रहेगा। 

छात्रों की खास रुचि पढ़ाई में लगेगी। 

करियर में सफल होने के लिए की गई कोशिश सफल हो सकेगी। 

परिवार के लोगों के साथ समय अच्छा बिताएंगे। 

संतान से अच्छी खबर सुनने को मिल सकती है। 

धन वृद्धि के योग बनेंगे।

तुला राशि के पहले और बारहवें भाव के स्‍वामी शुक्र ग्रह हैं और अब वह आपके छठे भाव में वक्री होने जा रहे हैं।

शुक्र मीन राशि में वक्री होने पर आपको धन से संबंधित समस्‍याएं हो सकती हैं। 

इसके साथ ही आपको कर्ज़ भी लेना पड़ सकता है। वहीं दूसरी ओर आपको लोन और पैतृक संपत्ति के ज़रिए अचानक धन लाभ होने के आसार हैं।

करियर के क्षेत्र में आपकी नौकरी में कोई बदलाव आने के संकेत हैं लेकिन हो सकता है कि आपको ये परिवर्तन पसंद न आएं।

धन के मामले में इस समय आपके खर्चे बहुत ज्‍यादा बढ़ सकते हैं और हो सकता है कि आप इन खर्चों को न संभाल पाएं। इस मामले में आपको योजना बनाकर चलने की ज़रूरत है।

आपके और आपके जीवनसाथी के बीच आपसी समझ की कमी के कारण रिश्‍ते की सुख - शांति भंग हो सकती है। 

इस वजह से आप परेशान रह सकते हैं।

स्‍वास्‍थ्‍य के मामले में शुक्र मीन राशि में वक्री होने पर आपको त्‍वचा से संबंधित समस्‍याएं होने की आशंका है। 

एलर्जी और इम्‍युनिटी कमज़ोर होने के कारण ऐसा हो सकता है।

उपाय: आप रोज़ 41 बार 'ॐ नमो नारायण' मंत्र का जाप करें।

वृश्चिक राशि :


वृश्चिक राशि के सातवें और बारहवें भाव के स्‍वामी शुक्र ग्रह हैं और अब वह इस राशि के पांचवे भाव में वक्री होने जा रहे हैं।

जब शुक्र मीन राशि में वक्री होंगे, तब आपको अपनी संतान की प्रगति और अपने भविष्‍य को लेकर चिंता हो सकती है। 

आपको भविष्‍य को लेकर योजना बनाकर चलने की ज़रूरत है।

करियर के क्षेत्र में नौकरीपेशा जातकों का उनकी इच्‍छा के विरुद्ध ट्रांसफर हो सकता है। 

आपको यह चीज़ पसंद नहीं आएगी।

धन के मामले में आप व्‍यापार या शेयर मार्केट से जुड़ी अवांछित गतिविधियों में शामिल हो सकते हैं। 

इसकी वजह से आपको नुकसान उठाना पड़ सकता है।

रिश्‍तों की बात करें, तो आपके और आपके जीवनसाथी के बीच अहंकार को लेकर समस्‍याएं हो सकती हैं। 

इस के कारण आपके रिश्‍ते से खुशियां कम हो सकती हैं।

स्वास्‍थ्‍य के स्‍तर पर आपको अपने बच्‍चों की सेहत पर अधिक पैसा खर्च करना पड़ सकता है। 

इस वजह से आप परेशान हो सकते हैं।

उपाय: आपको 41 बार 'ॐ बुधाय नम:' मंत्र का जाप करें।

धनु राशि:


धनु राशि के छठे और ग्‍यारहवें भाव के स्‍वामी शुक्र ग्रह हैं और अब वह आपके चौथे भाव में वक्री हो रहे हैं।

शुक्र मीन राशि में वक्री होने पर आपको तनाव हो सकता है। 

इसके अलावा आपकी सुख - सुविधाओं में कमी आने की भी आशंका है। 

इस समयावधि में आपके परिवार की सुख - शांति में भी कमी आ सकती है।

करियर के क्षेत्र में आपके ऊपर अवांछित काम का दबाव बढ़ सकता है और इस वजह से आप चिंता में आ सकते हैं। 

आपके वरिष्‍ठ अधिकारी आपसे नाराज़ हो सकते हैं।

धन के मामले में आपको अपने परिवार के ऊपर अधिक पैसा खर्च करना पड़ सकता है। 

इन खर्चों को लेकर आप परेशानी में आ सकते हैं।

निजी जीवन में आपके और आपके जीवनसाथी के बीच विवाद होने की आशंका है। 

आपके और आपके पार्टनर के बीच आपसी समझ में कमी आ सकती है।

स्वास्‍थ्‍य के स्‍तर पर आपको अपनी मां की सेहत पर अधिक पैसा खर्च करना पड़ सकता है। 

उन्‍हें त्‍वचा से संबंधित समस्‍याएं होने के संकेत हैं।

उपाय: आप रोज़ 21 बार 'ॐ गुरुवे नम:' मंत्र का जाप करें।
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मकर राशि :


मकर राशि के लिए शुक्र पांचवे और दसवें भाव के स्‍वामी हैं और अब वह आपके तीसरे भाव में वक्री होने जा रहे हैं।

शुक्र मीन राशि में वक्री होने पर आपको अपने भाई - बहनों के साथ समस्‍याएं हो सकती हैं। 

वे आपके मार्ग में बाधाएं उत्‍पन्‍न कर सकते हैं।

करियर के क्षेत्र में नौकरीपेशा जातकों का ट्रांसफर होने के संकेत हैं। 

हो सकता है कि आप अपने काम से संतुष्‍ट न हों।

धन के मामले में योजना बनाकर न चलने और लापरवाही की वजह से आपके खर्चों में बढोतरी होने की आशंका है। 

आपके हाथ से अधिक पैसा कमाने के कीमती अवसर छूट सकते हैं।

रिश्‍तों की बात करें, तो आपके और आपके पार्टनर के बीच खुशियों में कमी आ सकती है। 

इस वजह से आपको चिंता हो सकती है।

स्वास्‍थ्‍य के स्‍तर पर आपको अपनी मां की सेहत पर अधिक पैसा खर्च करना पड़ सकता है। 

उन्‍हें त्‍वचा से संबंधित समस्‍याएं होने के संकेत हैं।

उपाय: आपको शनिवार के दिन गरीब लोगों को दान करना चाहिए।

कुंभ राशि :


कुंभ राशि के चौथे और नौवें भाव के स्‍वामी शुक्र ग्रह हैं और अब शुक्र आपके दूसरे भाव में वक्री होने जा रहे हैं।

शुक्र मीन राशि में वक्री होने के दौरान आपको पैसों की तंगी हो सकती है। 

आपको अपने जीवन को लेकर एक सुव्‍यवस्थित तरीके से योजना बनाकर चलने की आवश्‍यकता है।

करियर के क्षेत्र में आपके और आपके उच्‍च अधिकारियों के बीच विवाद हो सकता है। 

इसे लेकर आप चिंता में आ सकते हैं।

धन के मामले में, इस समयावधि में आपके खर्चे बढ़ सकते हैं। 

इस वजह से आप नाखुश हो सकते हैं।

प्रेम जीवन के मामले में आपके और आपके पार्टनर के रिश्‍ते की सुख - शांति भंग हो सकती है। 

इस वजह से आपको चिंता होने की आशंका है।

स्‍वास्‍थ्‍य की बात करें, तो आपको अपनी मां की सेहत पर धन खर्च करना पड़ सकता है और आप उनकी वजह से परेशान रह सकते हैं।

उपाय: मंगलवार के दिन भगवान गणेश के लिए यज्ञ - हवन करें।

मीन राशि :


मीन राशि के जातकों के लिए शुक्र और बुध की युति लाभकारी रहेगी। 

जीवन में सकारात्मक बदलाव होंगे जिससे प्रमोशन से लेकर आय वृद्धि के योग बन सकते हैं। 

प्रेमी और प्रेमिका के बीच का संबंध सुधरेगा। 

जीवनसाथी के साथ घूमने का प्लान बना सकते हैं। 

दोस्तों से मुलाकात हो सकती है। 

घर में खुशी का माहौल रहेगा। 

व्यापार शुरू करने का सोच सकते हैं। 

आपसी मतभेद दूर होगा।

मीन राशि के तीसरे और आठवें भाव के स्‍वामी शुक्र देव हैं और अब वह आपके पहले भाव में वक्री होने जा रहे हैं।

शुक्र मीन राशि में वक्री होने के दौरान आपको अचानक कुछ स्‍वास्‍थ्‍य समस्‍याएं हो सकती हैं। 

इसके कारण आप नाखुश रह सकते हैं। 

आप अपने भविष्‍य को लेकर चिंतित हो सकते हैं।

करियर के क्षेत्र में आपकी नौकरी में अचानक बदलाव आ सकता है जो कि आपको पसंद नहीं आएगा। 

आप नौकरी बदलने के लिए मजबूर हो सकते हैं।

धन के मामले में आपको अपने भाई-बहनों के स्‍वास्‍थ्‍य के ऊपर अवांछित खर्चे करने पड़ सकते हैं। 

इस वजह से आप परेशान रह सकते हैं एवं आप अपने धन को अपनी ज़रूरतों को पूरा करने के लिए इस्‍तेमाल नहीं कर पाएंगे।

प्रेम जीवन की बात करें, तो इस समयावधि में आपके और आपके जीवनसाथी के बीच सुख और संतुष्टि में कमी आने के संकेत हैं। 

इसे लेकर आप परेशान रह सकते हैं।

आपको गले से संबंधित समस्‍याएं होने की आशंका है। 

ऐसा इम्‍युनिटी के कमज़ोर होने की वजह से हो सकता है।

उपाय: आप शुक्रवार के दिन शुक्र ग्रह के लिए यज्ञ-हवन करें।

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