कि लोगों का भारतीय ज्योतिष शास्त्र के ऊपर विश्वास नहीं बन पा रहा है और धनियां फैलती जा रही है...!
कि व्यायाम दीजिए का या आप सभी मैं न्यूज़ चैनलों और समाचार पत्रों में नित्य प्रसारित जो होता है...!
प्रकाशित होते रहते हैं दैनिक राशिफल को तो अवश्य देख रहे होंगे सुन रहे होंगे...!
लेकिन आजकल अधिकांश व्यक्ति प्रातः काल समाचार पत्र में सर्वप्रथम दैनिक राशिफल वाले इस तरह में अपनी राशि का हृदय करके वह अपने दिन का पूर्वानुमान लगाने में उत्सुक रहते हैं...!
और जब शाम को सूरज ढलता है तो हम महसूस करते हैं...!
ARKAM Meru Yantra/Brass Meru Shri Yantram/Brass Sumeru Shree Yantr/Pital Meru Yantra - Solid/ 3D Meru Shri Yantra (3x3 inches),Religious
| { Theme | Geometry |
| Brand | ARKAM |
| Colour | Golden |
| Style | Traditional |
| Material | Brass |
| Occasion | Decorative |
| Product Dimensions | 7L x 7W x 6H Centimeters |
| Cartoon Character | Home decor |
| Product Dimensions | 7D x 7W x 6H Centimeters |
| Number of Pieces } |
{ About this item
- For Success, wealth & Prosperity
- Correct Geometry and Diagrams based on extensive research
- Weight: 325-350 grams (Approx.) , Base Dimensions: 7cm x 7cm X 6cm
- Material: Brass (Solid)
- Make in INDIA: All our products are manufactured in INDIA and are exclusively crafted to fulfill your spiritual pursuits. }
वैदिक ज्योतिषशास्त्र का उत्तर स्पष्ट है —
दैनिक राशिफल केवल एक सामान्य संकेत हो सकता है, जबकि किसी व्यक्ति का वास्तविक और अधिक सटीक फल उसकी जन्मकुंडली तथा आवश्यकता पड़ने पर प्रश्नकुंडली के गहन अध्ययन से ही ज्ञात होता है।
वैदिक ज्योतिष का आधार केवल बारह राशियाँ नहीं हैं।
इसमें ग्रह, नक्षत्र, भाव, लग्न, दशा, अंतरदशा, गोचर, योग, ग्रहबल, दृष्टियाँ और अनेक सूक्ष्म नियमों का विचार किया जाता है।
इसलिए केवल सूर्य राशि या चंद्र राशि के आधार पर भविष्य का पूर्ण निर्णय करना उचित नहीं माना गया है।
कि उनकी राशि का जो फलित दैनिक राशिफल में बताया गया था...!
वह तो पसंद की निकला अब उसके बाद इसका परिणाम क्या होता है...!
ऋग्वेद में सूर्य, चंद्रमा, नक्षत्रों और कालचक्र के महत्व का वर्णन मिलता है। यजुर्वेद में भी समय, यज्ञ, ऋतु और ब्रह्मांडीय व्यवस्था के साथ मनुष्य के जीवन के संबंध का उल्लेख है। इन्हीं सिद्धांतों के आधार पर आगे चलकर वैदिक ज्योतिष का विकास हुआ, जिसमें ग्रहों की गति और समय का मनुष्य के कर्मफल से संबंध स्थापित किया गया। +++
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जब किसी बालक का जन्म होता है, उसी क्षण आकाश में ग्रहों की जो स्थिति होती है, उसी के आधार पर उसकी जन्मकुंडली बनाई जाती है।
यह कुंडली उसके जीवन का मूल मानचित्र मानी जाती है।
इसमें केवल राशि ही नहीं, बल्कि लग्न, बारह भाव, नौ ग्रह, सत्ताईस नक्षत्र, दशाएँ, योग तथा ग्रहों की परस्पर स्थिति का गहन अध्ययन किया जाता है।
है अब इसके बाद वे ज्योतिष शास्त्र को कोसने लगते हैं उनकी आस्था अपने लगती है यह एक सामान्य प्रक्रिया है....!
है लेकिन हम आप लोगों के बीच में जो उपस्थित हुए हैं...!
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इसी तरीके को लेकर के विश्लेषण करेंगे और आप लोगों के व्यक्तियों को दूर करने का प्रयास करेंगे कि....!
इसके विपरीत दैनिक राशिफल केवल एक राशि के आधार पर तैयार किया जाता है।
उदाहरण के लिए यदि किसी दिन मेष राशि के करोड़ों लोग हैं, तो क्या सभी को एक ही दिन समान लाभ, समान हानि, समान नौकरी, समान धन या समान स्वास्थ्य प्राप्त होगा?
निश्चित रूप से ऐसा संभव नहीं है।
प्रत्येक व्यक्ति का जन्म समय, जन्म स्थान, लग्न, ग्रह स्थिति और कर्म अलग-अलग होते हैं।
इसलिए परिणाम भी अलग होते हैं।
आज हम आप लोगों को दैनिक राशिफल से जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण प्रामाणिक तथ्यों पर चर्चा करेंगे कि हम आप सभी सनातन धर्मी शुभचिंतकों को यह बतला देना चाहते हैं....!
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कि आजकल जिस प्रकार दैनिक राशिफल बताया जा रहा है....!
यही कारण है कि कई बार व्यक्ति का दैनिक राशिफल शुभ बताता है, लेकिन वास्तविक जीवन में कठिनाई आती है।
दूसरी ओर किसी का राशिफल सामान्य या अशुभ दिखाई देता है, फिर भी उसे सफलता प्राप्त हो जाती है।
इसका कारण उसकी व्यक्तिगत जन्मकुंडली में उपस्थित ग्रहयोग और दशाएँ होती हैं।
जो प्रकाशित किया जा रहा है वह ग्रामक एवं और प्रमाणित होता है...!
उसका कोई शास्त्र से लेना देना नहीं है...!
वैदिक ज्योतिष में दशा और अंतरदशा का अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान है।
यदि किसी व्यक्ति की शुभ ग्रह की दशा चल रही हो तो सामान्य गोचर भी उसे लाभ दे सकता है।
वहीं यदि अशुभ दशा हो तो अच्छा दैनिक राशिफल भी अपेक्षित परिणाम नहीं दे पाता।
इस लिए केवल राशिफल देखकर किसी बड़े निर्णय पर पहुँचना उचित नहीं माना जाता।
ज्योतिषीय आधार भी नहीं होता है....!
अब है इसका कारण क्या है है कि करीब - करीब 99 वृद्धि दैनिक राशिफल का त्वरित शक्ति निकलता है...!
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जिन व्यक्तियों सही होता भी है तो वह उनकी निजी जन्मपत्रिका की ग्रंथियों दशाओं का परिणाम होता है...!
प्रश्नकुंडली भी वैदिक ज्योतिष की अत्यंत महत्वपूर्ण शाखा है।
जब जन्म का सही समय उपलब्ध न हो या किसी विशेष प्रश्न का तत्काल उत्तर जानना हो, तब प्रश्न पूछे जाने के समय की ग्रह स्थिति के आधार पर प्रश्नकुंडली बनाई जाती है।
इससे विवाह, नौकरी, व्यापार, खोई हुई वस्तु, न्यायालय, यात्रा, रोग, संतान और अन्य अनेक विषयों पर अपेक्षाकृत अधिक विशिष्ट संकेत प्राप्त किए जाते हैं।
आप निश्चित ही यह बात सुनकर चौंक जाएंगे हम कुछ विद्वान इससे अपने भिन्न भिन्न राय ही रखेंगे प्रक्रिया भी किंतु हम यहां आपके विचार है तू कुछ सब ठीक प्रस्तुत कर देना चाहते हैं...!
दैनिक राशिफल व्यक्ति को केवल यह बता सकता है कि आज ग्रहों का सामान्य प्रभाव कैसा हो सकता है।
लेकिन यह नहीं बता सकता कि उसी दिन किसी विशेष व्यक्ति को कौन-सी घटना किस समय घटित होगी।
इसके लिए व्यक्तिगत कुंडली का विश्लेषण आवश्यक होता है।
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जिनके अध्ययन से आप पधारे राशिफल प्रामाणिकता का अंदाजा लगा सकते हैं....!
खगोलशास्त्र भी इस विषय में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
ग्रह वास्तव में निरंतर गति करते रहते हैं।
उनकी स्थिति प्रतिदिन बदलती है और उसी परिवर्तन के आधार पर गोचर का विचार किया जाता है। किंतु ग्रहों का प्रभाव प्रत्येक व्यक्ति पर समान नहीं पड़ता, क्योंकि प्रत्येक व्यक्ति की जन्मकुंडली अलग होती है।
आसानी से लेकिन ध्यान दीजिएगा कि भारतीय ज्योतिष शास्त्र में लिप्त के लिए ग्रह - स्थिति मुख्य रूप से उत्तरदाई होता है...!
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कि चाहे वह जन्म पत्रिका की ग्रह स्थिति हो यह गोचरीय स्थिति हो ज्योतिष के गोचर शास्त्र के अनुसार ग्रह गोचर था छात्रों के राशि परिवर्तन की प्रतिदिन नहीं होती है...!
इसी कारण अनुभवी वैदिक ज्योतिषाचार्य केवल राशि देखकर अंतिम निर्णय नहीं देते।
वे पहले जन्मतिथि, जन्मसमय, जन्मस्थान, लग्न, ग्रह स्थिति, दशा, गोचर, नक्षत्र तथा आवश्यक होने पर प्रश्नकुंडली का भी अध्ययन करते हैं।
तभी अधिक विश्वसनीय और व्यक्तिगत मार्गदर्शन संभव होता है।
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ग्रहों का राशि परिवर्तन प्रतिदिन नहीं होता है हर ग्रहों का अलग - अलग समय है है...!
आज सोशल मीडिया पर आकर्षक शीर्षकों के साथ अनेक दैनिक राशिफल प्रसारित किए जाते हैं। उनका उद्देश्य प्रायः सामान्य जानकारी देना होता है।
उन्हें पूर्णतः असत्य भी नहीं कहा जा सकता, क्योंकि वे गोचर के आधार पर सामान्य संकेत देते हैं। लेकिन उन्हें प्रत्येक व्यक्ति का निश्चित भविष्य मान लेना भी उचित नहीं है।
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अब यह जो नंबर ग्रह नवग्रहों के बोतल का अलग - अलग काल है...!
वैदिक परंपरा हमें यह भी सिखाती है कि ग्रह केवल संभावनाओं और परिस्थितियों के संकेत देते हैं। मनुष्य के शुभ कर्म, सदाचार, ईश्वर - भक्ति, यज्ञ, दान, जप, तप, सेवा और विवेकपूर्ण निर्णय भी उसके जीवन की दिशा को प्रभावित करते हैं।
इस लिए केवल राशिफल पर निर्भर रहने के बजाय कर्म को सर्वोच्च महत्व देना चाहिए।
समय है जिन में सूर्य बुध भगत एक माप मंगल 57 दिन गुरु एक वर्ष राहु - केतु डेढ़ वर्ष पुत्र शनि ड्राइव वर्ष में अपनी राशि परिवर्तन करते हैं....!
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यह सभी लोग जानते हैं फिर भ्रामक स्थिति में बड़े जाते हैं...!
यदि किसी व्यक्ति को विवाह, नौकरी, व्यवसाय, संतान, स्वास्थ्य, विदेश यात्रा, आर्थिक निवेश, भूमि - भवन या न्यायालय जैसे महत्वपूर्ण निर्णय लेने हों, तो केवल दैनिक राशिफल पढ़कर निर्णय नहीं लेना चाहिए।
ऐसे अवसरों पर जन्मकुंडली और आवश्यकता पड़ने पर प्रश्नकुंडली का विस्तृत अध्ययन अधिक उपयोगी माना जाता है।
क्योंकि मीडिया में बहुत ही भ्रामक स्थिति चल रही है...!
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अब हम बात करेंगे इस चंद्रमा के लिए बहुत ही सरल प्रक्रिया में आता हूं ताकि आप लोग इन चीजों से बचें चंद्रमा के गोत्र की तो चंद्रमा भी सवा दो दिन में अपनी राशि परिवर्तन करता है....!
अतः निष्कर्ष यही है कि दैनिक राशिफल एक सामान्य दिशा - सूचक है, जबकि जन्मकुंडली और प्रश्नकुंडली व्यक्ति विशेष के जीवन का अधिक सूक्ष्म और व्यक्तिगत विश्लेषण प्रस्तुत करती हैं। वैदिक ज्योतिष का उद्देश्य भय उत्पन्न करना नहीं, बल्कि समय की प्रकृति को समझाकर उचित कर्म, उचित निर्णय और आध्यात्मिक उन्नति की प्रेरणा देना है।
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इसका आशय यह हुआ कि सवा दो दिन तक तो ग्रहण में परिवर्तन होगा यदि किसी ग्रह का गोचर हुआ तो अगले दिन से लेकर इन दिनों तक यही स्थिति रहेगी जो वृश्चिक राशि में स्थित है....!
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उसी राशि में रहेगा तो ओर से सम्मान जो सामान्य स्थिति है...!
जब हम वैदिक ज्ञान, खगोल विज्ञान, ग्रहों की गति, जन्मकुंडली, प्रश्नकुंडली और कर्म सिद्धांत—
इन सभी को साथ लेकर चलते हैं, तभी ज्योतिष का वास्तविक लाभ प्राप्त होता है।
इस लिए दैनिक राशिफल को केवल एक सामान्य संकेत मानें, किंतु जीवन के महत्वपूर्ण निर्णय सदैव योग्य विद्वान द्वारा आपकी व्यक्तिगत कुंडली के गहन अध्ययन के बाद ही लें।
यही वैदिक ज्योतिष की संतुलित और परंपरागत दृष्टि मानी जाती है।
जो ग्रह स्थिति के आधार पर फलित प्रति कैसे परिवर्तित हो सकता है...!
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आप विचार कर सकते हैं स्वयं सोच सकते हैं स्वयं निर्णय ले सकते हैं...!
ब्रह्म क्यों पड़ते हैं अब ध्यान दीजिए का्य जन्मपत्रिका सर्वाधिक जो महत्वपूर्ण होती है....!
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वह किस कसूर की पर होती है हमारा जो या भारतीय ज्योतिष है....!
कि भारतीय ज्योतिष शास्त्र में किसी जातक के फलित के लिए उसकी जन्मपत्रिका की लग्न कुंडली को सर्वाधिक महत्व प्रदान किया गया है....!
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इसके पश्चात नवमांश कुंडली है कि वर्ग कुंडली है फिर भी छोकरी 10 वें उसके बाद योगिनी दशा लें और साथ में और इसके अंत में वाउचर को मान्यता दी गई है...!
जब हम च को ही फलित करते समय सबसे अंतिम पायदान पर रखा जाता है...!
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तो केवल चंद्रमा के वाउचर व नक्षत्र से दैनिक राशिफल निकालना कहां तक उचित होगा कहां तक प्रामाणिक होगा अ कि दैनिक राशिफल भी होता है....!
लेकिन उपयुक्त आधार पर क्या यह मान लिया जाए कि भारतीय ज्योतिष शास्त्र में दैनिक राशिफल होता ही नहीं है...!
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कि यहां पर ध्यान देने की बात है समझने की बात है ऐसा नहीं है...!
दैनिक राशिफल भी ज्योतिष शास्त्र के अंतर्गत ही आता है किंतु वह प्रत्येक जातक का निजी होता है...!
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और उसका आधार क्या होता है....!
प्रश्न कुंडली वन नष्ट जातिगत पद्धति होता है....!
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तो उस दैनिक राशिफल के लिए व्यक्ति को दही व घी के पास जोशी से प्रश्न करना होता है....!
या प्रश्न करना होता है कि मेरा आज का दिन कैसा रहेगा तब ज्योतिषी प्रश्न ज्योतिष कुंडली के आधार पर अथवा उस व्यक्ति के को जो अंक होता है...!
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अंकों पूछ कर दिए आप शास्त्र के माध्यम से कि उसके सिंह के बारे में गणना करके उस दिन का भविष्य संकेत देते हैं....!
यह तो हो गया आधार इस प्रकार का दैनिक राशिफल व्यक्तिगत होता है...!
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कि सार्वजनिक तय क्रश फल होता है....!
सार्वजनिक दश लिंक राशिफल का किसी भी शास्त्र में कोई भी प्रमाण नहीं है....!
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यह बिल्कुल भ्रामक स्थिति हैं हमारे मतानुसार जो शास्त्र को हम अध्ययन किए हैं....!
जिस शास्त्र के माध्यम से हम जो है अंधकार को दूर करते हैं....!
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जो भविष्य में घटने वाली घटनाएं हैं उनका हम जानकारी प्राप्त करते हैं...!
तो ध्यान दीजिएगा कि हमारे मतानुसार समा चार पत्रों और न्यूज चैनलों ने जो आज प्रसारित व प्रकाशित होने वाले दैनिक राशिफल के भरत को गंभीरता से लेते हुए...!
अपनी जन्म पत्रिका के ट्रस्टियों दशाओं अपनी राशि बूचर पर अधिक विश्वास करना चाहिए यह शास्त्री मत है....!
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यह हमारे ऋषि यों के द्वारा उद्धृत तथ्य है है...!
अब यदि किसी दिन के बारे में जानने की अभिलाषा हो उस चुकता हो...!
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तो उसके लिए बहुत आवश्यक हो तो किसी विद्वान दायित्व किसे प्रश्न करके इस संबंध में निर्णय करना अधिक श्रेयस्कर वह लाभदायक करता है...!
तो आशा करता हूं कि आप लोग यह जो ब्रह्म की स्थितियां चल रही है...!
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इस से आप लोग जो है स्पष्ट रूप से कंफर्म हो गए हैं है तो यह जो जानकारी है...!
आपको कैसी लगी आप वीडियो को लाइक करते हैं...!
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कमेंट करके अवश्य लाने और जिन सज्जन को कोई भी प्रश्न बनता है तो आप अवश्य कमेंट करें...!
उसका शास्त्रोक्त विधि के हिसाब से समाधान किया जाएगा....!
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लेकिन आप लोगों से हाथ जोड़कर के पूरे निवेदन करता हूं कि इन भ्रामक पोल कल्पित तथ्यों पर विचार करें....!
क्योंकि निराधार है जो आधार है....!
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उस आधारित आप जो है कसम की पर रखते हुए है उन बच्चों पर आप रिचार्ज कराने अवश्य सफलता मिलेगी....!
इसी तरह से बहुत सारे वीडियो पड़े यह चैनल पर आप चाहे तो देख सकते हैं...!
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और जो भी सही पहली बार इस प्रोग्राम को देख रहे हैं....!
आप भी जुड़ने के लिए आप ब्लॉग पोस्ट को सब्सक्राइब कर लें ने लाइक कर लें...!
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में ताकि इसी तरह से प्रोग्राम का नोटिफिकेशन आपको पहुंचे और आप भी जानकारी प्राप्त करें...!
अपने समाज में अपने रिश्तेदार में अपने भाई - बंधुओं में अधिक से अधिक इसको शेयर करें...!
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पहुंचाने ताकि लोग दिग्भ्रमित न हो जो हमारी भारतीय पद्धति है....!
जो हमारे पूर्वजों द्वारा लिखित तथ्य है उसका आधार लें उस आधार से श्रद्धापूर्वक हम उसको अपना में और चतुर्दिक विकास करें जो अंधकार शीघ्र है....!
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ज्योतिष शास्त्र ऐसा है कि अंधकार से प्रकाश की ओर ले करके जाता है हर इंसान युक्त रहता है....!
अपने भविष्य को जानने के लिए तो यह ज्योतिष शास्त्र बहुत ही महत्वपूर्ण शास्त्र है...!
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लेकिन यह जो इतना आम नंबर 8 चल कल जो चल रहा है....!
इस से मुक्ति पाने के लिए आपको सजग होना होगा और उसके बाद एक दूसरे को आप को मोटिवेट करना होगा...!
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ज्यादा सेट करना होगा कि भ्रामक टीमों पर अपने तो मित्रों आज के लिए इतना...!
ही इसी तरह से भी चर्चाओं को लेकर के उपस्थित होंगे.....!
तब तक के लिए हर महादेव जय मां अंबे
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