google-site-verification: google5cf1125c7e3f924f.html pina_AIA2RFAWACV3EAAAGAAFWDICOQVKPGQBAAAAALGD7ZSIHZR3SASLLWPCF6DKBWYFXGDEB37S2TICKKG6OVVIF3AHPRY7Q5IA { "event_id": "eventId0001" } { "event_id": "eventId0001" } https://www.profitablecpmrate.com/gtfhp9z6u?key=af9a967ab51882fa8e8eec44994969ec Astrologer: October 2025

Friday, October 31, 2025

दैनिक राशी फल कितना सच होता है....!

सभी ज्योतिष मित्रो को मेरा निवेदन है..., आप मेरा दिया हुवा लेखो की कोपी ना करे..., मे किसी के लेखो की कोपी नहि करता..., किसी ने किसी का लेखो की कोपी किया हो तो वाही विद्या आगे बठाने की नही है..., कोपी करने से आप को ज्ञ्नान नही मिल्ता भाई..., और आगे भी नही बढ़ता..., आप आपके महेनत से त्यार होने से बहुत आगे बठा जाता है...,

धन्यवाद......,  जय द्वारकाधीश..., 

दैनिक राशी फल कितना सच होता है....!

में आप लोगों का हार्दिक स्वागत करता हूं कि आप लोग कुशल मंगल होंगे कि आज का जो यह ब्लॉग पोस्ट है बहुत ही महत्वपूर्ण समाज में आज मीडिया में बहुत ही भ्रामक स्थिति चल रही है...! 

इसी विषय को लेकर के हम उपस्थित हुए हैं क्या आप भोज पड़ते हैं दैनिक राशिफल दैनिक राशिफल कितना सच होता है....! 

इस से हम इसलिए ऐड करेंगे क्योंकि लोग इतने भ्रमित हो चुके हैं मीडिया में इतने भ्रामक स्थिति यह है

कि लोगों का भारतीय ज्योतिष शास्त्र के ऊपर विश्वास नहीं बन पा रहा है और धनियां फैलती जा रही है...! 

कि व्यायाम दीजिए का या आप सभी मैं न्यूज़ चैनलों और समाचार पत्रों में नित्य प्रसारित जो होता है...! 

प्रकाशित होते रहते हैं दैनिक राशिफल को तो अवश्य देख रहे होंगे सुन रहे होंगे...! 

लेकिन आजकल अधिकांश व्यक्ति प्रातः काल समाचार पत्र में सर्वप्रथम दैनिक राशिफल वाले इस तरह में अपनी राशि का हृदय करके वह अपने दिन का पूर्वानुमान लगाने में उत्सुक रहते हैं...! 

और जब शाम को सूरज ढलता है तो हम महसूस करते हैं...! 





ARKAM Meru Yantra/Brass Meru Shri Yantram/Brass Sumeru Shree Yantr/Pital Meru Yantra - Solid/ 3D Meru Shri Yantra (3x3 inches),Religious

Brand: ARKAM   https://amzn.to/3WzQLt9


कि उनकी राशि का जो फलित दैनिक राशिफल में बताया गया था...! 

वह तो पसंद की निकला अब उसके बाद इसका परिणाम क्या होता है...! 
+++ +++
है अब इसके बाद वे ज्योतिष शास्त्र को कोसने लगते हैं उनकी आस्था अपने लगती है यह एक सामान्य प्रक्रिया है....! 

है लेकिन हम आप लोगों के बीच में जो उपस्थित हुए हैं...! 
+++ +++
इसी तरीके को लेकर के विश्लेषण करेंगे और आप लोगों के व्यक्तियों को दूर करने का प्रयास करेंगे कि....! 

आज हम आप लोगों को दैनिक राशिफल से जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण प्रामाणिक तथ्यों पर चर्चा करेंगे कि हम आप सभी सनातन धर्मी शुभचिंतकों को यह बतला देना चाहते हैं....! 
+++ +++
कि आजकल जिस प्रकार दैनिक राशिफल बताया जा रहा है....! 

जो प्रकाशित किया जा रहा है वह ग्रामक एवं और प्रमाणित होता है...! 

उसका कोई शास्त्र से लेना देना नहीं है...! 

+++
+++

ज्योतिषीय आधार भी नहीं होता है....! 

अब है इसका कारण क्या है है कि करीब - करीब 99 वृद्धि दैनिक राशिफल का त्वरित शक्ति निकलता है...! 
+++ +++
जिन व्यक्तियों सही होता भी है तो वह उनकी निजी जन्मपत्रिका की ग्रंथियों दशाओं का परिणाम होता है...! 






आप निश्चित ही यह बात सुनकर चौंक जाएंगे हम कुछ विद्वान इससे अपने भिन्न भिन्न राय ही रखेंगे प्रक्रिया भी किंतु हम यहां आपके विचार है तू कुछ सब ठीक प्रस्तुत कर देना चाहते हैं...! 
+++ +++
जिनके अध्ययन से आप पधारे राशिफल प्रामाणिकता का अंदाजा लगा सकते हैं....! 

आसानी से लेकिन ध्यान दीजिएगा कि भारतीय ज्योतिष शास्त्र में लिप्त के लिए ग्रह - स्थिति मुख्य रूप से उत्तरदाई होता है...! 
+++ +++
कि चाहे वह जन्म पत्रिका की ग्रह स्थिति हो यह गोचरीय स्थिति हो ज्योतिष के गोचर शास्त्र के अनुसार ग्रह गोचर था छात्रों के राशि परिवर्तन की प्रतिदिन नहीं होती है...! 
+++ +++
ग्रहों का राशि परिवर्तन प्रतिदिन नहीं होता है हर ग्रहों का अलग-अलग समय है है...! 
+++ +++
अब यह जो नंबर ग्रह नवग्रहों के बोतल का अलग - अलग काल है...! 

समय है जिन में सूर्य बुध भगत एक माप मंगल 57 दिन गुरु एक वर्ष राहु - केतु डेढ़ वर्ष पुत्र शनि ड्राइव वर्ष में अपनी राशि परिवर्तन करते हैं....! 
+++ +++
यह सभी लोग जानते हैं फिर भ्रामक स्थिति में बड़े जाते हैं...! 

क्योंकि मीडिया में बहुत ही भ्रामक स्थिति चल रही है...! 
+++ +++
अब हम बात करेंगे इस चंद्रमा के लिए बहुत ही सरल प्रक्रिया में आता हूं ताकि आप लोग इन चीजों से बचें चंद्रमा के गोत्र की तो चंद्रमा भी सवा दो दिन में अपनी राशि परिवर्तन करता है....! 
+++ +++
इसका आशय यह हुआ कि सवा दो दिन तक तो ग्रहण में परिवर्तन होगा यदि किसी ग्रह का गोचर हुआ तो अगले दिन से लेकर इन दिनों तक यही स्थिति रहेगी जो वृश्चिक राशि में स्थित है....! 
+++ +++
उसी राशि में रहेगा तो ओर से सम्मान जो सामान्य स्थिति है...! 

जो ग्रह स्थिति के आधार पर फलित प्रति कैसे परिवर्तित हो सकता है...! 
+++ +++
आप विचार कर सकते हैं स्वयं सोच सकते हैं स्वयं निर्णय ले सकते हैं...! 

ब्रह्म क्यों पड़ते हैं अब ध्यान दीजिए का्य जन्मपत्रिका सर्वाधिक जो महत्वपूर्ण होती है....! 
+++ ++++
वह किस कसूर की पर होती है हमारा जो या भारतीय ज्योतिष है....! 

कि भारतीय ज्योतिष शास्त्र में किसी जातक के फलित के लिए उसकी जन्मपत्रिका की लग्न कुंडली को सर्वाधिक महत्व प्रदान किया गया है....! 
+++ +++
इसके पश्चात नवमांश कुंडली है कि वर्ग कुंडली है फिर भी छोकरी 10 वें उसके बाद योगिनी दशा लें और साथ में और इसके अंत में वाउचर को मान्यता दी गई है...! 

जब हम च को ही फलित करते समय सबसे अंतिम पायदान पर रखा जाता है...! 
+++ +++
तो केवल चंद्रमा के वाउचर व नक्षत्र से दैनिक राशिफल निकालना कहां तक उचित होगा कहां तक प्रामाणिक होगा अ कि दैनिक राशिफल भी होता है....! 

लेकिन उपयुक्त आधार पर क्या यह मान लिया जाए कि भारतीय ज्योतिष शास्त्र में दैनिक राशिफल होता ही नहीं है...! 
+++ +++
कि यहां पर ध्यान देने की बात है समझने की बात है ऐसा नहीं है...! 

दैनिक राशिफल भी ज्योतिष शास्त्र के अंतर्गत ही आता है किंतु वह प्रत्येक जातक का निजी होता है...! 
+++ +++
और उसका आधार क्या होता है....! 

प्रश्न कुंडली वन नष्ट जातिगत पद्धति होता है....! 
+++ +++
तो उस दैनिक राशिफल के लिए व्यक्ति को दही व घी के पास जोशी से प्रश्न करना होता है....! 

या प्रश्न करना होता है कि मेरा आज का दिन कैसा रहेगा तब ज्योतिषी प्रश्न ज्योतिष कुंडली के आधार पर अथवा उस व्यक्ति के को जो अंक होता है...! 
+++ +++
अंकों पूछ कर दिए आप शास्त्र के माध्यम से कि उसके सिंह के बारे में गणना करके उस दिन का भविष्य संकेत देते हैं....! 

यह तो हो गया आधार इस प्रकार का दैनिक राशिफल व्यक्तिगत होता है...! 
+++ +++
कि सार्वजनिक तय क्रश फल होता है....! 

सार्वजनिक दश लिंक राशिफल का किसी भी शास्त्र में कोई भी प्रमाण नहीं है....! 
+++ +++
यह बिल्कुल भ्रामक स्थिति हैं हमारे मतानुसार जो शास्त्र को हम अध्ययन किए हैं....! 

जिस शास्त्र के माध्यम से हम जो है अंधकार को दूर करते हैं....! 
+++ +++
जो भविष्य में घटने वाली घटनाएं हैं उनका हम जानकारी प्राप्त करते हैं...! 

तो ध्यान दीजिएगा कि हमारे मतानुसार समा चार पत्रों और न्यूज चैनलों ने जो आज प्रसारित व प्रकाशित होने वाले दैनिक राशिफल के भरत को गंभीरता से लेते हुए...! 

+++
+++

अपनी जन्म पत्रिका के ट्रस्टियों दशाओं अपनी राशि बूचर पर अधिक विश्वास करना चाहिए यह शास्त्री मत है....! 
+++ +++
यह हमारे ऋषि यों के द्वारा उद्धृत तथ्य है है...! 

अब यदि किसी दिन के बारे में जानने की अभिलाषा हो उस चुकता हो...! 
+++ +++
तो उसके लिए बहुत आवश्यक हो तो किसी विद्वान दायित्व किसे प्रश्न करके इस संबंध में निर्णय करना अधिक श्रेयस्कर वह लाभदायक करता है...! 

तो आशा करता हूं कि आप लोग यह जो ब्रह्म की स्थितियां चल रही है...! 
+++ +++
इस से आप लोग जो है स्पष्ट रूप से कंफर्म हो गए हैं है तो यह जो जानकारी है...! 

आपको कैसी लगी आप वीडियो को लाइक करते हैं...! 
+++ +++
कमेंट करके अवश्य लाने और जिन सज्जन को कोई भी प्रश्न बनता है तो आप अवश्य कमेंट करें...! 

उसका शास्त्रोक्त विधि के हिसाब से समाधान किया जाएगा....! 
+++ +++
लेकिन आप लोगों से हाथ जोड़कर के पूरे निवेदन करता हूं कि इन भ्रामक पोल कल्पित तथ्यों पर विचार करें....! 

क्योंकि निराधार है जो आधार है....! 
+++ +++
उस आधारित आप जो है कसम की पर रखते हुए है उन बच्चों पर आप रिचार्ज कराने अवश्य सफलता मिलेगी....! 

इसी तरह से बहुत सारे वीडियो पड़े यह चैनल पर आप चाहे तो देख सकते हैं...! 
+++ +++
और जो भी सही पहली बार इस प्रोग्राम को देख रहे हैं....! 

आप भी जुड़ने के लिए आप ब्लॉग पोस्ट को सब्सक्राइब कर लें ने लाइक कर लें...! 
+++ +++
में ताकि इसी तरह से प्रोग्राम का नोटिफिकेशन आपको पहुंचे और आप भी जानकारी प्राप्त करें...! 

अपने समाज में अपने रिश्तेदार में अपने भाई - बंधुओं में अधिक से अधिक इसको शेयर करें...! 
+++ +++
पहुंचाने ताकि लोग दिग्भ्रमित न हो जो हमारी भारतीय पद्धति है....! 

जो हमारे पूर्वजों द्वारा लिखित तथ्य है उसका आधार लें उस आधार से श्रद्धापूर्वक हम उसको अपना में और चतुर्दिक विकास करें जो अंधकार शीघ्र है....! 
+++ +++
ज्योतिष शास्त्र ऐसा है कि अंधकार से प्रकाश की ओर ले करके जाता है हर इंसान युक्त रहता है....! 

अपने भविष्य को जानने के लिए तो यह ज्योतिष शास्त्र बहुत ही महत्वपूर्ण शास्त्र है...! 
+++ +++
लेकिन यह जो इतना आम नंबर 8 चल कल जो चल रहा है....! 

इस से मुक्ति पाने के लिए आपको सजग होना होगा और उसके बाद एक दूसरे को आप को मोटिवेट करना होगा...! 
+++ +++
ज्यादा सेट करना होगा कि भ्रामक टीमों पर अपने तो मित्रों आज के लिए इतना...! 

ही इसी तरह से भी चर्चाओं को लेकर के उपस्थित होंगे.....! 

तब तक के लिए हर महादेव जय मां अंबे
+++ +++
!!!!! शुभमस्तु !!!

🙏हर हर महादेव हर...!!

जय माँ अंबे ...!!!🙏🙏

पंडित राज्यगुरु प्रभुलाल पी. वोरिया क्षत्रिय राजपूत जड़ेजा कुल गुर:-
-: 1987 YEARS ASTROLOGY EXPERIENCE :-
(2 Gold Medalist in Astrology & Vastu Science) 
सेल नंबर: . ‪+ 91- 9427236337‬ / ‪+ 91- 9426633096‬  ( GUJARAT )
Skype : astrologer85
Email: prabhurajyguru@gmail.com
आप इसी नंबर पर संपर्क/सन्देश करें...धन्यवाद.. 
नोट ये मेरा शोख नही हे मेरा जॉब हे कृप्या आप मुक्त सेवा के लिए कष्ट ना दे .....
जय द्वारकाधीश....
जय जय परशुरामजी...🙏🙏🙏

Wednesday, October 29, 2025

मृत्यु योग जाने कैसे....!

सभी ज्योतिष मित्रो को मेरा निवेदन है..., आप मेरा दिया हुवा लेखो की कोपी ना करे..., मे किसी के लेखो की कोपी नहि करता..., किसी ने किसी का लेखो की कोपी किया हो तो वाही विद्या आगे बठाने की नही है..., कोपी करने से आप को ज्ञ्नान नही मिल्ता भाई..., और आगे भी नही बढ़ता..., आप आपके महेनत से त्यार होने से बहुत आगे बठा जाता है...,

धन्यवाद......,  जय द्वारकाधीश...,

मृत्यु योग जाने कैसे....!

मृत्यु योग जाने कैसे....!


अखिल भारतीय ज्योतिष शास्त्र के अंतर्गत जैसा कि मैं आप लोगों को कि सात प्रकार का के वृक्ष के बारे में चर्चा किए....! 

कि बालारिष्ट योग रिस्ट कि अल्पायु से मध्यायु दीर्घायु इस दिव्य आयुष एवं अमित आयुक्त तो अभी आप लोगों के सामने हम चर्चा करेंगे....! 

इस प्रकार की जो योग हैं कैसे बनाते हैं और इससे बचाओ तो हम क्या करें का हिंदी क्या होता है....! 

का सबसे प्रथम ए सनम में सर्वप्रथम यह जानने का प्रयास करते हैं है...! 

कि जन्म से आवर्तक की आईडी होती है उसे अखिल भारतीय ज्योतिष शास्त्र के अंतर्गत का बालारिष्ट कहा गया है....! 





acer [SmartChoice Aspire 3 Laptop Intel Core Celeron N4500 Processor Laptop (8 GB LPDDR4X SDRAM/512 GB SSD/Win11 Home/38 WHR/HD Webcam) A325-45 with 39.63 cm (15.6") HD Display, Pure Silver, 1.5 KG

https://amzn.to/4hwxRx3


कि यह रोती क्यों है इसको भी जानना आवश्यक है.....! 

कि किस कारण से होती है कि किस परिस्थिति में होती है हैं....! 

तो आइए स्टेट विचार करते हैं तो जातक के जन्मांग चक्र में लग्न से 168 12 स्थान में पाप ग्रहों से युक्त चंद्रमा हो तब व्यक्ति की मृत्यु बाल्यावस्था में हो जाती है है....! 

+++ +++

इस के अलावा कि सूर्यग्रहण या चंद्रग्रहण का समय जो होता है में सूर्य चंद्र राहु एक ही राशि में हो तथा लग्न पर क्रूर ग्रह उग्र मतलब शनि मंगल के पीछे आया हो तब बालक के साथ माता - पिता की मृत्यु का भी डू योग बनता है....! 

अलग से छठे भाव में चंद्रमा लग्न में सभी और सप्तम में मंगल हो तो बालक के पिता की मृत्यु करवा दू योग बनता है....! 

अथवा यह मृत्यु तुल्य कष्ट प्राप्त होता है हैं....! 

अब इनसे बचने का उपाय क्या होता है इन से बचाते से जाता है....! 





इस ग्रंथों में कि बालारिष्ट योग से बचने के लिए ने बताया गया है कि बालक अपने साथी का चंद्रमा और मोती काले धागे में डाल करके बनाया जाता है....! 

इस से पालक के सिर से मृत्यु का संकट टल जाता है...! 

ऐसा कि हमारे भारतीय विद्वानों का मत है कि दूसरे नंबर पर आते हैं....! 

योगारिष्ट योगारिष्ट कैसे बनता है...!

+++ +++
एक हाथ वर्ष के पश्चात आप भी इस वर्ष पहले इ में होने वाली लड़की को योगारिष्ट कहा जाता है....! 

कि इस प्रकार की मृत्यु तब होती है जब जातक के जन्म कुंडली के अंतर्गत अष्टम भाव में शनि मंगल के सिर पूर्वग्रहों से दूषित हो जाता है...! 

और लग्न में बैठा विपरीत ग्रह वक्री होता है इस लिए इसे योगारिष्ट करते हैं....! 

दूसरी अमावस्या से पहले की चतुर्दशी और अष्टमी को यह योग गुरु प्रभाव रहता है....! 

जिन लोगों के माता-पिता कर्मों में लिप्त रहते हैं उनके बालों के योग से ही होती है हैं....! 

अब इनसे बचने के उपाय क्या है योग बारिश से बचने के लिए...!

+++ +++

कि भारतीय शास्त्रों के अंतर्गत है ऐसे जातक के माता - पिता को सत्कर्म करना चाहिए...! 

यह दिए इसी का धन स्वर्ण को पूरा लेते हैं या किसी की हत्या में लिख सकते हैं....! 

तब उनके बालों की मृत्यु विश्व में में आ जाती है है ऐसे परिस्थिति में कि ऐसे जातक के लिए मैं सिर्फ एक उपाय यह उपाय क्या है सिर्फ की उपाधि कि ऐसे जातक के लिए...! 
&&& ;&&&
कि कालों के काल महाकाल कि शिव की उपासना एक मात्र साधन है कि अब है इसके बाद कि योगारिष्ट की चर्चा कर दिए अब इसके बाद जो है में आता है अल्पायु हैं....! 

अल्पायु में को 206 32 वर्ष की आयु को कि हमारे ऋषि-मुनियों मधुकरा
+++ +++
कि अल्प आयु का नाम दिया अल्पायु योग बनता कैसे है....! 

कि यदि लगने चंद्र राशि में है जैसे मेष कर्क तुला मकर राशि में हो तथा अष्टमेश वृषभ राशि मिथुन कन्या धनु मीन राशियों में हो तब अल्पायु योग बनता है...! 

यदि लग्नेश शुक्र शत्रु हो तब जातक अल्पायु होता है है....! 
=== ===
इसी प्रकार यदि शनि और चंद्रमा दोनों स्थित राशि में हो अथवा एक शब्द और दूसरा द्विस्वभाव राशि में हो तब व्यक्ति की मृत्यु बीच से 32 वर्ष की आयु में होती है....! 

जिसे हम मत भाइयों के नाम से जानते हैं....! 

आइए इनसे बचने के उपाय इनका परिहार परिहार के लिए ज्योतिषशास्त्र में जो उपाय बताए....!

+++
+++

गए लेकिन जो हमारे लिए सरल हो सुगम हो उपाय को अपनाकर कर सकते हैं...! 

इस के लिए महामृत्युंजय का प्रयोग कि प्रत्येक माह की दोनों अष्टमी को शिवजी का दही से अभिषेक करना श्रेयस्कर बताया गया है....! 

कि इसके बार का वध आयोग की चर्चा करते हैं 125 वर्ष के लाभ ा 164 264 वर्ष तक की आयु को मजबूत कहा गया है....! 

कि बनता कहते हैं यदि लग्न में सूर्य कसम ग्रहों है है तब यह योग बनता है....! 
&&& ;&&&
अर्थात मिथुन व कन्या लग्न वालों की प्रायः मत का उपयोग होती है....! 

कि यदि लग्नेश तथा अष्टमेश में में से एक जल राशि मेष कर्क तुला मकर तथा विकराल स्थिति जैसे वृषभ सिंह वृश्चिक कुंभ किन राज्यों में हो तब जातक की मृत्यु योग होती है....! 

यदि शनि और चंद्रमा दोनों भी स्वभाव राशि में हो या एक स्तर तथा दूसरा स्थिर राशि में हो तब जातक पधारो योग पर होता है...! 

तथा यदि लग्नेश तथा अष्टमेश सामान्य के स्थानों में हो तब भी जातक मत भायऊ होता है....! 

कई विद्वानों का मत यह भी है कि मदारियों योग वाले यात्रियों की मृत्यु जन्म स्थान से दूर होती है है...! 

अब इसे भी बचने का उपाय मैं अभी से बचने के लिए....! 

इस जातक को चांदी का स्वस्तिक बनाकर के गले में धारण करना चाहिए प्रत्येक शनिवार को गरीबों को काले कंबल एवं चप्पल का दान देना चाहिए....!
&&& ;&&&
कि यह उपाय ऐसे जातक के लिए श्री अख्तर बताया गया अब पांचवें नंबर पर आते हैं....! 

दीर्घायु के लिए ए दिल भाइयों योग भारतीय ज्योतिष शास्त्र में तो वो फट से में 120 वर्ष की आयु तक होने वाली मृत्यु को दीर्घायु अथवा पूर्ण ऐसा कहा जाता है....! 

यदि जन्म लगने सूर्य मित्र हो तो व्यक्ति को पूर्ण आयु प्राप्त होती है....! 

लग्नेश और अष्टमेश शुक्र दोनों उच्च राशि में हो तो जातक दीर्घायु होता है......! 







Gold Art India Gold And Kaai Green Ganesh Idol For Car Dashboard Small Ganesha Murti Ganpati Idol For Home Decor Puja Lord Ganesh Statue Gift For Office Desk Puja Room Figurine

https://amzn.to/4okOiiC



लग्नेश तथा अष्टमेश में से एक स्थिति तथा दूसरा द्विस्वभाव राशि में हो तो जातक दीर्घायु होता है यदि शुभ ग्रह तथा लगने केंद्र में हो तो जातक दीर्घायु होता है....!

लग्न में गुरु शुक्र के साथ हो की दृष्टि पड़ रही हो तो जातक पूर्ण करता है....! 

लगने पूर्ण बली हो तथा कोई भी ग्रह उससे उत्सव या मित्र राशि के आठवें अबे हो तब भी जातक की पूर्ण आयु होती है....! 

कि इस योग वाले जातक को जीवन आम तौर पर सुखमय व्यतीत करता है....! 

ऐसा देखा गया है लेकिन बीच - बीच में कई प्रकार के रोग परेशान करते रहते हैं....! 

इन लोगों को जीवन पर्यंत और विष्णु की उपासना आराधना करनी चाहिए....! 

कि अब छह नंबर का लो जिस भी आलू बताया गया है देखिए यहां पर विचार करने की बात है....! 

और पूर्ण आयु 120 वर्ष ने बताया गया है अब इसके ऊपर हम चलते हैं....!

मैं तो बस पिता है कि आयोग से जुड़ा नहीं है किंतु यह बताता है....! 

कि व्यक्ति का जीवन कैसा होगा अपने जीवन को किस प्रकार से का यदि की कुंडली में शुभ ग्रह बुध बृहस्पति शुक्र और चंद्रमा केंद्र और त्रिकोण में हो और सब पाप ग्रह 3 - 6 - 11 स्थानों तथा अष्टम भाव में शुभ ग्रह हों....! 

+++
+++

शुभ राशि हो तो व्यक्ति के जीवन में दिव्य आलू का प्रादुर्भाव होता है....! 

तब ऐसा योग प्राप्त होता है ऐसा जातक जैसा कि हम पहले ही बता चुके हैं....! 

कि यज्ञ अनुष्ठान क्रियाओं के द्वारा हजारों वर्ष हमारे ऋषि - मुनि इसी के माध्यम से अपने जीवन को बढ़ाते गए तो कि आदित्य दुर्गम है.....! 

किंतु ग्रंथों में यह स्पष्ट रूप से कहा गया है कि ऐसे जातक का जन्म मृत्यु लोक में संभव नहीं है....! 

कि ऐसी आयुक्त अपॉइंट ऋषि - मुनि ही पा सकते हैं...! 

जैसे भारत द्वारा जिस अगस्त ऋषि इत्यादि ड्रॉप लोगों ने देवरहवा बाबा का नाम सुना होगा यह लोग दो है.....! 

तपोनिष्ठ थे तो ऐसे लोगों को इस तरह का योग को प्राप्त हुआ कि अब सातवें नंबर पर जो चर्चा की गई है....! 

तो उसके लिए बताया क्या है अमित आयोग अब यह अमितायु क्या है....! 

अमित आलू पाने वाले प्राणी भी दुर्लभ देवताओं व सचिव व को ऐसी आलू प्राप्त होती है....! 

इस के अनुसार यदि गुरु ग्राम पुनः अपने चतुर्थ वर्ग में होकर केंद्र में हो शुक्र प्रावधान अपने शरीर में हो एवं कर्क लग्न तब तक मानव देवता होता है....! 

जिसकी कोई सीमा नहीं होती है और यह इच्छा मृत्यु का वर पाने में सक्षम होता है कुछ विद्वानों का मत है लोगों ने पितामह मैं तो फेसबुक की तमाम आपको ऐसा योग प्राप्त हुआ था....! 

इच्छा मृत्यु का वरदान था उनको मृत्यु प्रत्येक व्यक्ति के लिए अटल सकती है....! 

फिर भी ग्रहों के योग का आलू के निर्धारण में बहुत बड़ी भूमिका होती है....! 

कुछ विशिष्ट उपाय मृत्यु को कुछ समय के लिए उन उपायों को करके हम डाल सकते हैं....!

लेकिन जिस तरह से जन्म निश्चित है उसी तरह से पीड़ित है तो आप लोगों के सामने हम भारतीय ज्योतिष शास्त्र के अंतर्गत व जो मृत्यु के साथ प्रकार बताए गए....! 

जो उसका उपाय बताया गया आप लोगों के समक्ष प्रस्तुत किया और इसी तरह से आप लोगों का का प्यार मैं कुत्ता वर्धन मिलता रहेगा है....! 

तो इसी तरह की चर्चा लेकर कि आप लोगों के सामने कि मैं ज्योतिषाचार्य पंडित पंडारामा राज्यगुरु प्रभु वोरीया आप लोगों का बहुत - बहुत धन्यवाद ज्ञापित करता हूं है....! 

जो आप लोग ता वर्धन करते रहते हैं....! 

तो ज्योतिष शास्त्र के अंतर्गत जो हमारी इसकी मृत्यु द्वारा कि उनके अनुभव लिखे गए हैं....! 
+++ +++
!!!!! शुभमस्तु !!!

🙏हर हर महादेव हर...!!

जय माँ अंबे ...!!!🙏🙏

पंडित राज्यगुरु प्रभुलाल पी. वोरिया क्षत्रिय राजपूत जड़ेजा कुल गुर: -
श्री सरस्वति ज्योतिष कार्यालय
PROFESSIONAL ASTROLOGER EXPERT IN:- 
-: 1987 YEARS ASTROLOGY EXPERIENCE :-
(2 Gold Medalist in Astrology & Vastu Science) 
" Opp. Shri Satvara vidhyarthi bhuvn,
" Shri Aalbai Niwas "
JAM KHAMBHALIYA - 361305 (GUJRAT )
सेल नंबर: . ‪+ 91- 9427236337‬ / ‪+ 91- 9426633096‬  ( GUJARAT )
Skype : astrologer85
Email: astrologer.voriya@gmail.com
आप इसी नंबर पर संपर्क/सन्देश करें...धन्यवाद.. 
नोट ये मेरा शोख नही हे मेरा जॉब हे कृप्या आप मुक्त सेवा के लिए कष्ट ना दे .....
जय द्वारकाधीश....
जय जय परशुरामजी...🙏🙏🙏

Tuesday, October 28, 2025

अपनी कुंडली से गंभीर बीमारी के संकेत...!

सभी ज्योतिष मित्रो को मेरा निवेदन है..., आप मेरा दिया हुवा लेखो की कोपी ना करे..., मे किसी के लेखो की कोपी नहि करता..., किसी ने किसी का लेखो की कोपी किया हो तो वाही विद्या आगे बठाने की नही है..., कोपी करने से आप को ज्ञ्नान नही मिल्ता भाई..., और आगे भी नही बढ़ता..., आप आपके महेनत से त्यार होने से बहुत आगे बठा जाता है...,

धन्यवाद......,  जय द्वारकाधीश...,

अपनी कुंडली से गंभीर बीमारी के संकेत...!

अपनी कुंडली से गंभीर बीमारी के संकेत...!


भारतीय ज्योतिष नौ ग्रह ब्लॉग पोस्ट में आप लोगों का हार्दिक स्वागत करता हूं मेरे प्रिय मित्रों कि आज के समय में हर इंसान मैं अपने फिर को लेकर परेशान है....! 

कि आज हम वही चर्चा करने वाले हैं है कि स्वास्थ्य का कारक कि हमारे भारतीय ज्योतिषियों ने है...! 

कि हमारे ऋषि यों ने हमारे उन्होंने है ज्योतिष शास्त्र के अंतर्गत बहुत ही सुंदर विवेचन किया हुआ है...! 

इस चर्चा को लेकर लोगों के समक्ष उपस्थित व्वे आज हम आपको बताएंगे कि आप अपने उंगली से कैसे ज्ञात करें कि आपको कौन सा गंभीर बीमारी होने वाली है कौन सी घटना दुर्घटना होने वाली है....! 





ECOVACS DEEBOT N30 Plus White 2 in 1 Robot Vacuum & Mop, 2025 New Launch, Multi-Cyclone Auto-Empty Station, 10000 Pa Suction, 5200mAh Battery, Covers 3500+sq ft, Zero Tangle 2.0, Advanced TrueMapping

Visit the ECOVACS Store  https://amzn.to/479Otag


हर इंसान के जीवन में घटनाएं घटने लगी रहती है तो हमारे जीवन में क्या संघ के देने वाला है....! 

यह सब्सक्राइब करें इससे पहले ढक्कन को नमन करते हैं....! 

+++ +++

कि आदित्य अधिग्रहण सर्वे न धर्म लुट उद्दाम शेषा जन अधिकार मित्रों को की कुंडली के अंतर्गत कौन से पूरे ग्रह के कारण कौन सी बीमारी उत्पन्न होती है....! 

इस के लिए की कुंडली के अंतर्गत अगर पूरी तरह से कुपित जाता होता है....! 

तो सूर्य के अशुभ प्रभाव के कारण मस्त किरदार नेत्र कर्ण रोग और मधुमेह जैसी बीमारियां होती हैं...! 

+++ +++

रोग संस्थान सचिव है कि अगर स्वच्छ भाव पर बुरे ग्रहों की दृष्टि हो मुराद तरह बैठ गया और है...! 

तो ऐसे सिटी में वह तरह के जातकों को ए टोबो प्रभाव देता है और वही चीज आप लोगों से नए बतलाना चाहता हूं...! 

+++ +++

कि सूर्या अगर अब होगा तो वह में अशुभ फल जातक को प्राप्त करे का यह उसी तरह से चंद्रमा चंद्रमा के प्रभाव के कारण ए मलेफिक रोग चंद्रमा मन का कारक है....! 

तुम प्रभाव प्रॉब्लम नहीं तो उन्माद में कार दुर्घटना चंद्रमा जल का कारक चंद्रमा अगर अशुभ है...! 

+++ +++

पीड़ित है तो जल से उन्माद रोग उद्विग्नता पागलपन के लक्षण इस प्रकार हैं...! 

यदि कुंडली में मंगल के के कुपित होने पर पृथ्वी का त्वचा रोग टाइफाइड और अपेंडिक्स जैसे रोग उत्पन्न होते हैं...! 


+++

+++


हमारे ज्योतिष शास्त्र के अंतर्गत ने बहुत ही सुंदर ढंग से विवेचन किया है....! 

जिसका हम आप लोगों के समक्ष यह सारी चीजें व्रत करते हैं...! 

और इतना ही नहीं उक्त लोगों ने कि मैं यह कहना चाहूंगा....! 

+++ +++

कि आप लोग इस पर विचार करें वीरवार विश्लेषण का विषय यह विश्लेषण का विषय है....! 

इस के अंतर्गत हमारे ने जो कुछ स्थिति बदल गई है....! 

+++ +++

तो उस पर हम विचार करेंगे इस हमको उसका प्रभाव हमारे जीवन में अवश्य मिलेगा और इसमें किसी भी प्रकार की कोई भी कहीं से कोई भी समस्या उत्पन्न होगी...!

अब आप लोगों को इस के आगे की स्थिति बताते हैं कि....! 

+++ +++

जैसे कि हमारे जीवन में है जो है....! 

जैसे मंगल है कि अब है जो और मंगल के बाद बुध की स्थिति बुद्धि का कारक सुंदर संबंधित समस्या उत्पन्न करेगा....! 
+++ +++
पिकअप अधिक आयु नाक और गले से संबंधित समस्या उत्पन्न करेगा और बौद्धिक क्षमता ने उसी तरह से व्यक्ति अगर बृहस्पति का स्वभाव से संबंधित होता है....! 

इस भाव में स्थित हो जाता है तो सब्सक्राइब कुपित होने की गठिया रोग देता गठिया के लक्षण प्राप्त हो जाते हैं....! 

+++ +++

है कमर एवं जोड़ों का दर्द उत्पन्न हो जाता है सूजन हो जाता है कब्जे की बीमारी होती है....! 

इस के साथ कुंडली में अगर ए रुक टुकुर शरीर के समस्त का कारक तो अगर शुक्र पीड़ित होता है....! 






तो शुक्र के कुपित होने पर वात और कफ रोग उत्पन्न होते हैं ताकि शरीर के अंदरूनी प्रिवेंट होते हैं....! 

हैं इनके समस्या आ जाती है....! 

है और की कुंडली में शनि ग्रह के कुपित होने पर वात एवं कफ रोग असाध्य रोग होता है....! 

+++ +++

कैंसर का रोग शांति रोग कि गुर्दे का रोग ऐसे गंभीर बीमारियां उत्पन्न होती है....! 

कुंडली में अगर यही राहु शुगर के व्यक्ति को में संक्रामक रोग उत्पन्न कर आता है...! 

रोग उत्पन्न कर आता है विशेषज्ञ पीड़ा उत्पन्न करता है....!

+++ +++

और हाथ - पैरों में दर्द जोड़ों का दर्द गैस का दर्द यही राहु लब न कर आता है...! 

इस के तारे छूके तू है मित्रों अब यही है....! 

तो यही लोगे तो है यह के पत्तों से कई तरह की बीमारियां उत्पन्न करेगा का या कि इन बीमारियों से बचने के लिए अ और केतु भी कि मुंबई जैसा फल देता है....! 

+++ +++

है तो केतु का जो कुप्रभाव है उसी केतू के चलते हमको कि ब्लड की समस्या होगी है.....! 

जो पॉलिटेक्निक इसको बोलते हैं उसको ग्रस्त करें का या उसने समस्या उत्पन्न करेगा तो है....! 

तो मेरे कहने का अभिप्राय यह है कि जिसने भी की कि ग्रह में अशुभ फल देने वाले हैं....! 

+++ +++

उन से बचने के लिए है उनसे मिलान के लिए उससे संबंधित देवताओं की उपासना करनी पड़ेगी हर ग्रहों के हमारे ज्योतिष शास्त्र के अंतर्गत पति ने कि हर प्रभु का देवता बतलाया है....! 

तो उस ग्रह से संबंधित देवताओं की उपासना करने से कि जिस ग्रह से कि पीड़ित व्यक्ति होता है....! 

मैं तुम से संबंधित रोगों से छुटकारा प्राप्त होता है....! 

+++ +++

तो जो जीवन में गंभीर बीमारी उत्पन्न होने वाली है....! 

उस से हम छुटकारा प्राप्त अवधि में कर लेंगे दो है....! 

अब इसके लिए हम को स्वयं विचार करना पड़ेगा स्वयं इस विश्लेषण करना पड़ेगा का युवा जो योग्य ज्योतिषी है....! 

+++
+++

है जो वास्तव में चिंतन - मनन करते हैं....! 

है जो शास्त्रों का अध्ययन करते हुए विश्लेषण करते हैं....! 

ऐसे लोगों से परामर्श लेने के उपरांत आपको सही दिशा निर्देश मार्गदर्शन मिले का यथार्थ तरफ उपचार करते हुए....! 

+++ +++

स्वास्थ्य लाभ अनुभव करेंगे हैं और दूसरों को भी कराने में सफल होंगे....! 

मित्रों यह तो हम आपके समक्ष एक छोटा था....! 

यह महत्वपूर्ण बिंदुओं को सबस्क्राइब हमारे भारतीय ज्योतिष शास्त्र के अंतर्गत बहुत पर अध्ययन करने दो है....! 

जीवन में घटने वाली घटना घटनाओं का जो कारण है....! 

का पता चलेगा और पता चलने के उपरांत पधारे हुए हैं....! 

है और शुभ समय इस समय में जो अशुभ लुट घटना घटने वाली है...!

+++ +++

कि उस पर हम विचार करेंगे इस चिंतन करेंगे इस गुफा का प्रयोग करेंगे और चतुर्दिक लाभ प्राप्त करने में सफल होंगे...! 

नकारात्मक ऊर्जा नष्ट होगी और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होगी लुट करने में सफल होंगे और के मार्गदर्शक बने हैं....! 

मेरे प्रिय मित्रों आज के कि उस पर हम विचार करेंगे इस चिंतन करेंगे इस गुफा का प्रयोग करेंगे और चतुर्दिक लाभ प्राप्त करने में सफल होंगे...! 

नकारात्मक ऊर्जा नष्ट होगी और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होगी लुट करने में सफल होंगे और के मार्गदर्शक बने हैं...! 

+++ +++

मेरे प्रिय मित्रों आज के ब्लॉग पोस्ट में इतना ही इसी तरह से हम आप लोगों के समक्ष इसी तरह से छोटी - छोटी जज चर्चाओं को ले करके आते रहते हैं...! 

ताकि आप लोग जाने स्वयं पध चिंतन करें स्वयं देखेंगे कि हमारे भारत के जो लोग थे...! 

सब कुछ रख हमको केवल उसको अपनाने की आवश्यकता से वंचित क्यों होते हैं...! 

है तो मेरा ब्लॉग पोस्ट में इतना ही इसी तरह से हम आप लोगों के समक्ष इसी तरह से छोटी - छोटी जज चर्चाओं को ले करके आते रहते हैं...! 

ताकि आप लोग जाने स्वयं पध चिंतन करें स्वयं देखेंगे...! 

कि हमारे भारत के जो लोग थे सब कुछ रख हमको केवल उसको अपनाने की आवश्यकता से वंचित क्यों होते हैं....! 
+++ +++
है तो मेरा का कार्य जो है आप लोगों के सामने दर्पण दिखाना है....! 

कि आप स्वयं देख सकते हैं....! 

कि हम कैसे हैं है तो जो कमियां है....! 

उसका सुधार स्वयं कर सकते हैं और अगर उसमें कंफ्यूजन होता है....! 

तो आप मार्गदर्शन लेते हुए हैं....! 

को उचित सलाह लेते हुए अपने अनुकूल हुए कार्यों को सफलताओं को प्राप्त करते हुए मानवीय जीवन यात्रा को सफल बने ऐसा धन्यवाद...!

+++ +++ 

🙏हर हर महादेव हर...!! जय माँ अंबे ...!!!🙏🙏 पंडित राज्यगुरु प्रभुलाल पी. वोरिया क्षत्रिय राजपूत जड़ेजा कुल गुर: - श्री सरस्वति ज्योतिष कार्यालय PROFESSIONAL ASTROLOGER EXPERT IN:- -: 1987 YEARS ASTROLOGY EXPERIENCE :- (2 Gold Medalist in Astrology & Vastu Science) " Opp. Shri Satvara vidhyarthi bhuvn, " Shri Aalbai Niwas " Shri Maha Prabhuji bethak Road, JAM KHAMBHALIYA - 361305 (GUJRAT ) सेल नंबर: . ‪+ 91- 9427236337‬ / ‪+ 91- 9426633096‬ ( GUJARAT ) Vist us at: www.sarswatijyotish.com Skype : astrologer85 Email: prabhurajyguru@gmail.com Email: astrologer.voriya@gmail.comआप इसी नंबर पर संपर्क/सन्देश करें...धन्यवाद.. नोट ये मेरा शोख नही हे मेरा जॉब हे कृप्या आप मुक्त सेवा के लिए कष्ट ना दे .....जय द्वारकाधीश....जय जय परशुरामजी...🙏🙏🙏

सन् 2026 में राशि / गुरु की महादशा :

सन् 2026 में राशि / गुरु की महादशा : बुध ने मकर राशि में किया प्रवेश, मेष राशि के लोगों को मिल सकता है नौकरी में लाभ :  वैदिक ज्योतिष शास्त्...