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Friday, January 29, 2021

।। श्री यजुर्वेद के अनुसार ज्योतिष शास्त्र विधा विभाग में कुंडली की चार शाखाओ होती है ।।

सभी ज्योतिष मित्रों को मेरा निवेदन हे आप मेरा दिया हुवा लेखो की कोपी ना करे में किसी के लेखो की कोपी नहीं करता,  किसी ने किसी का लेखो की कोपी किया हो तो वाही विद्या आगे बठाने की नही हे कोपी करने से आप को ज्ञ्नान नही मिल्त्ता भाई और आगे भी नही बढ़ता , आप आपके महेनत से तयार होने से बहुत आगे बठा जाता हे धन्यवाद ........
जय द्वारकाधीश

।। श्री यजुर्वेद के अनुसार ज्योतिष शास्त्र विधा  विभाग में कुंडली की चार शाखाओ होती है ।।



यजुर्वेद के अनुसार ज्योतिष विधा विभाग में कुंडली बहुत होती है ।

हमारा यजुर्वेद के अंदर ज्योतिष विद्या विभाग में ही कुंडली की परम्पराओं को चार शाखाओं में विभाजित किया जा सकता है ।

जो की विशिष्ट विषयों या उद्देश्यों की ओर निर्दिष्ट हैं। 

अक्सर, ये शाखाएं एक अनूठे प्रकार की तकनीकों का समुच्चय या फिर भिन्न क्षेत्र के लिए प्रणाली के मूल सिद्धांतों के विभिन्न प्रयोगों का इस्तेमाल करती हैं। 

ज्योतिष के कई अन्य उप -  समुच्चयों और प्रयोगों का आरम्भ चार मौलिक शाखाओं में  से ही हुआ है।






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नवजात ज्योतिष  विधा 

जातक के जन्म के तारीख समय और स्थान के आधारित व्यक्ति की ( जन्म - पत्री ) जन्मांग पत्रिका का ही अध्ययन है ।

जिसके आधार पर व्यक्ति के जीवन के बारे में और उसके जीवन के अनुभवों के बारे में ही भूतकाल वर्तमानकाल और भविष्य काल की
जानकारी प्राप्त की जाती है।

कतार्चिक ज्योतिष : - 

देश राज्य के अंदर का स्थानों में चुनावी ( electional ) और घटना ज्योतिष दो नों ही शामिल  होता हैं। 

इनमें से पहले के समय मे राजा महाराजा के दरबार मे जो राजा का कुलगुरु होता है वही 
ज्योतिष विधा के ज्ञान का उपयोग करके राजा महाराजाओ को पहले ही बता देता था कि किसी उद्यम या उपक्रम को शुरू करने के लिए शुभ घड़ी का पता लगाने के लिए किया जाता है ।

बाद वाले का उपयोग किसी घटना के होने के समय से उस घटना के बारे में सब कुछ समझाने के लिए ही किया जाता है।





( प्रतिघंटा ) प्रश्न कुंडली ज्योतिष विधा : -

प्रश्न कुंडली में ज्योतिषी किसी भी प्रश्न का जवाब, उस प्रश्न को पूछे जाने के क्षण का अध्धयन करके देता है।


सांसारिक या विश्व ज्योतिष :  -

यह पूरा खंड के आधारित वर्ष में होने वाले मौसम, भूकंप और धर्म या राज्यों के उन्नयन एवं पतन सहित दुनिया में होने वाली विभिन्न घटनाओं के बारे में जानने के लिए ज्योतिष का अनुप्रयोग. 

इसमें ज्योतिष युग :-

जैसे की कुंभ युग :-

मीन युग : -

इत्यादि सब तीनो एक ही साथ मे शामिल होते  हैं। 

प्रत्येक युग की लम्बाई लगभग २,१५० साल होती है और दुनिया में कई लोग इन महायुगों को ऐतिहासिक और वर्तमान घटनाओं से सम्बद्ध मानते हैं।


         !!!!! शुभमस्तु !!!

🙏हर हर महादेव हर...!!
जय माँ अंबे ...!!!🙏🙏

पंडित राज्यगुरु प्रभुलाल पी. वोरिया क्षत्रिय राजपूत जड़ेजा कुल गुर:-
PROFESSIONAL ASTROLOGER EXPERT IN:- 
-: 1987 YEARS ASTROLOGY EXPERIENCE :-
(2 Gold Medalist in Astrology & Vastu Science) 
(GUJRAT )
सेल नंबर: . + 91- 9427236337 / + 91- 9426633096  ( GUJARAT )
Email: astrologer.voriya@gmail.com
आप इसी नंबर पर संपर्क/सन्देश करें...धन्यवाद.. 
नोट ये मेरा शोख नही हे मेरा जॉब हे कृप्या आप मुक्त सेवा के लिए कष्ट ना दे .....
जय द्वारकाधीश....
जय जय परशुरामजी...🙏🙏🙏

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